कहते हैं सेवा करने के लिए पागलपन और जुनून की जरूरत होती है


विनोद जैन

बालोद —कहते हैं सेवा करने के लिए पागलपन और जुनून की जरूरत होती है सेवा भावना का संस्कार परिवार के बुजुर्गों से मिलता है आप सेवा में किसी भी सेवा को चुन सकते हैं जिसमे आपकी रुचि हो लोग पौधे लगाकर पर्यावरण बचाने की सेवा में लगे हैं कोई गरीब को भोजन कराने की सेवा में लगा है कोई गरीबो को इलाज मुफ्त में कराने की सेवा में लगा है कोई राहगीरों को पानी पिलाने की सेवा में लगा है और कोई जीव जंतुओं को बचाने की सेवा में लगा है

ऐसे ही एक संस्था बालोद शहर के कुछ युवाओ की है करीब 35 सदस्यो वाली इस समिति के सदस्यों गौसेवा में लगे हैं रात हो या दिन धूप हो या बारिश या कड़ाके की ठंड भी हो पर गौसेवा के लिए ये युवा एक फोन आते ही तुरन्त तैयार रहते हैं गौ सेवा अभियान के नाम से यह समिति बहुत कम समय मे बालोद सहित आसपास के अंचलों में अपने सेवा भावना से लोगो का दिल जीत रहे हैं सेवा भावना भी ऐसी की लोगो का दिल पसीज जाए,,,,,गौधन के पैर या किसी अंग पर घाव या कीड़े होने पर उठने वाले भयंकर बदबू आने पर उसे डॉक्टरों से भी बेहतर इलाज कर उस पर मरहम पट्टी लगाना उसे इंजेक्शन लगाना जैसे कार्य को आसानी से करते हैं इस कार्य को करने वाले इन युवाओ का बालोद के सभी सामाजिक संगठन इनका आभार व्यक्त भी करते नजर आते हैं

*रात्रि में निकलते हैं भोजन लेकर*
समिति से जुड़ी प्रीति टाटिया बताती हैं कि हम युवाओ की एक टोली करीब 20 की संख्या में प्रतिदिन अपने घरों से रोटी और गुड़ लेकर बालोद की सड़कों पर निकलते हैं और गौधन को खिलाकर आते हैं इस काम से मन को शुकुन और सेवाभावना करने का जज्बा भी मिलता है
*दुर्घटनाग्रस्त गौधन की करते हैं सेवा*
समिति के प्रमुख नरेंद्र जोशी बगतेश बताते हैं कि सड़कों पर बैठे गौधन को यदि किसी वाहन से दुर्घटना में घायल हो जाती है और लोगो का फोन आने पर हम सदस्य तुरन्त ही वहां पहुंच कर इलाज चालू करते हैं या फिर बालोद गौशाला में लाकर उसे स्वस्थ होते तक सेवा दी जाती है

*सड़को पर गौधन को छोड़ने वाले मालिको पर हो कार्यवाही*
समिति के अजय यादव ने बताया कि गौधन को सड़कों पर छोड़ देने वाले पशु मालिको पर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए जिनके लापरवाही से गौधन सड़को पर बैठे रहते हैं और दुर्घटना घटित होती है

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