वन मितान जागृति दिवस के तहत स्कूली छात्र छात्राओं को वनों के विभिन्न आयामों की दी गयी जानकारी

कांकेर

योगेन्द्र सिंह बैस @

*वन मितान जागृति दिवस के तहत छात्रों को वनों के विभिन्न प्रकारों की दी गई जानकारी*

छत्तीसगढ़ प्रदेश का लगभग 44 प्रतिशत भू भाग वनाच्छादित है एवं प्रदेश हर्बल राज्य के रूप में जाना जाता है जहां हमारे वन लगभग 25 लाख वनवासियों को गतिविधि सुनिश्चित करते हैं, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वनों के प्रबंधन का कार्य वन विभाग के अधीन नहीं है, जिसमें वनिकी संबद्ध विशिष्टता-विशेषता कार्य विरोध के रूप में जाने जाते हैं, हालांकि पाठ्यशालाओं में पर्यावरण, वन, राज्य वन्य प्राणियों के विषयों पर पाठ्यक्रम और उनकी शिक्षा स्कूलों में दी जाती है, वर्तमान में यह आवश्यक है है कि वनों के विभिन्न प्रकारों की जानकारी हमारी भविष्य की पीढ़ी के छात्रों को वन, पर्यावरण वनिकी गतिविधियों का जीवंत परिचय सह जागरूकता कार्यक्रम के तहत ग्राम ठेमा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को “वन मितान जाग्रति दिवस” मनाया गया। जो मुख्य रूप से वन परिक्षेत्र अधिकारी सरोना धनलाल साहू ,प्राचार्य गोपीनाथ शोरी , विद्यालय के शिक्षकगण , सहायक परिक्षेत्र ठेमा घनश्याम पटेल , सहायक परिक्षेत्र सरोना ग्रीनश कोडोपी , परिसर कर्ता ठेमा सुधीर यादव , परिसर रक्षक छिन्दखड़क शिवकुमार पूजा , परिसर रक्षक खल्लारी जॉइन अधिकारी अधिकारी, परिसर रक्षक डंवरखार धब्बे , परिसर रक्षक सरोना मोनिका दुबे व बुजुर्ग ग्रामीण उपस्थित थे।