*बालोद निकाय का अनोखा मामला पहली टंकी से रिस रहा पानी, दूसरी के फाइनल पेमेंट की फाइलें तेज*

विनोद जैन

बालोद – बालोद नगर पालिका अंतर्गत वार्ड 15 मे एक तरफ जहां 6 महीने पहले लोकार्पित पानी टंकी से हो रहे सीपेज ने निर्माण गुणवत्ता की हवा निकाल दी है, वहीं दूसरी तरफ विभाग की दरियादिली और मिलीभगत का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आ रहा है।

घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार उसी ठेकेदार द्वारा बनाई गई एक अन्य पानी टंकी का अंतिम भुगतान जारी करने की फाइलें तेजी से दौड़ाई जा रही हैं।

नियमों के मुताबिक, यदि ठेकेदार द्वारा किए गए निर्माण में गारंटी या रखरखाव अवधि के दौरान गंभीर तकनीकी खामी या रिसाव पाया जाता है, तो उसके अन्य प्रोजेक्ट्स की जांच और भुगतानों पर रोक लगाई जानी चाहिए। लेकिन यहां जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है।

पहली टंकी से पानी का फव्वारा छूट रहा है और कंक्रीट कमजोर हो रही है, मगर विभाग जांच बैठाने के बजाय ठेकेदार की दूसरी परियोजना का रास्ता साफ करने में तत्परता दिखा रहे।

सीधा आरोप है कि विभागीय इंजीनियर और जिम्मेदार अफसर ठेकेदार को बचाने और उसका अंतिम देयक पास कराने के लिए फाइलों को हरी झंडी देने में जुटे हैं।