विनोद जैन 
बालोद। जिला मुख्यालय बालोद शहर के सभी मुख्य सड़कों पर खुलेआम घूम रहे मवेशियों के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रमुख मार्गों पर पशुओं का जमावड़ा होने से सड़कें मानो गौठान में तब्दील हो गई हैं। वहीं शहर के विभिन्न वार्डो के गलियों मे भी कमोबेश यही हाल हैँ लोग पशुधन के गोबर करने और इसे बार बार साफ करने से परेशान हैँ वहीं शहर के सभी गालिया सीमेंट क्रांकिट की होने से पशुधन के गोबर से लोग फिसल कर गिर भी रहे हैं पशुधन के मुख्य मार्गो मे बैठने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है। रात के अँधेरे मे बरसात के कारण सड़को मे हुए गड्ढे नहीं दिखाई पड़ते वहीं दूसरी ओर पशुधन के बैठे होने से दुर्घटना की संभावना बनी रहती हैँ
इस गंभीर समस्या को लेकर नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि सड़कों पर पशुधन के कारण रोजाना जाम और आवागमन में परेशानी होती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्या के स्थायी समाधान के बजाय केवल औपचारिकता निभाते नजर आ रहे हैं।
नगर पालिका प्रशासन द्वारा आवारा एवं खुले में घूमने वाले मवेशियों को नियंत्रित करने तथा उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है? यदि नगर में पशुधन के लिए गौठान अथवा अन्य व्यवस्था उपलब्ध है तो फिर मवेशी सड़कों पर क्यों दिखाई दे रहे हैं? इन सवालों का जवाब नगर पालिका प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जनता के सामने देना चाहिए।
शहरवासियों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार लोग तब सक्रिय होते हैं जब कोई बड़ा हादसा हो जाए। प्रशासन को किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल अभियान चलाकर सड़कों से मवेशियों को हटाने, पशुपालकों पर नियमानुसार कार्रवाई करने और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
जनता को परेशानी में छोड़कर जिम्मेदारों का आराम फरमाना स्वीकार्य नहीं है। नगर पालिका प्रशासन तत्काल सड़कों पर घूम रहे मवेशियों की समस्या का समाधान करे, अन्यथा इस मुद्दे को लेकर जनआंदोलन की स्थिति निर्मित हो सकती है।
