विनोद जैन 
बालोद – चतुर्मास प्रवचन श्रृंखला मे आज बालोद के समता भवन मे विराजीत पूज्य जैन संत अक्षय मुनि जी महाराज साहब ने कहा की भारत सरकार ने नशा मुक्ति अभियान प्रारंभ किया है, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी के सेवाभावी लोग इसमें आगे आ रहे हैं। आज देख रहे हैं कि विदेशी ताकतों की जाल में देश फंसता चला जा रहा है। नशे में आज की युवा पीढ़ी संलिप्त है । युवाओं को पंगु , नपुंसक बना रहा है। 20 साल का नशा करने वाला युवक चंगुल में फंस गया है। अब समाज को, सामाजिक संगठनों को जागने की आवश्यकता है । प्रत्येक भारतीय नैतिक कर्तव्य निभाएं। समता भवन बालोद में आयोजित प्रवचन श्रृंखला में जैन संत अक्षय मुनि जी मसा ने कहीं*।
जैन संत ने आगे कहा कि यदि आत्मा में विवेक नहीं जागा तो जन्म जन्म बिगड़ जाएगा, अभी बाजी अपने हाथ में है विशिष्ट ज्ञान पाना है तो अकेले बैठना पड़ेगा। सिर्फ औपचारिकता निभाने से व्यवहार निभा लोगे। जिंदगी में प्रतिदिन कम से कम एक-दो घंटे सत्संग करना आवश्यक है। सिर्फ संसार ही तुम्हारा लक्ष्य नहीं है, आत्म कल्याण ही लक्ष्य मानव का रहना चाहिए। आज ध्यान पैसों पर है पेशंट पर नहीं। देश में छात्र आंदोलन हो रहे हैं। याद रखना कर्म किसी को नहीं छोड़ता कर्मठ, निष्ठावान कार्यकर्ता बनना होगा जिससे हर काम सरल हो जाते हैं। संस्था बनाते हैं तो पवित्र भावना रहती है। देश की आजादी के समय गांधी, नेहरू, शास्त्री, सुभाष चंद्र बोस ने स्वतंत्रता दिलाने में अहम भूमिका निभाई लेकिन आज का दौर बदल चुका है। जैसी नीति वैसी प्रकृति। संसार को दोषी मत ठहराव स्वयं की चेतना जागना होगा। धर्म का अहंकार की जरूरत नहीं है छोटी सी गलती बड़ा नुकसान दे देता है। विवेक में धर्म रहा हुआ है यह यश कीर्ति को कोई नहीं रोक सकता है यदि कर्म अच्छा है तो।
*जैन मुनि ने आगे कहा कि भगवान तीन लोक के मालिक है पूरी दुनिया यही मानती है। हम कितने भी पाप करें भगवान की ज्ञान से छिपा नहीं सकते है, ज्ञान को रोक नहीं सकता। कई लोग हैं जो गाय को चारा भी नहीं देते लेकिन उन्हें रोज गाय के दूध की आवश्यकता पड़ती है। महावीर शासन के समय भी चोरों का तांडव था, भगवान महावीर ने अहिंसा, करुणा, दया अपनाने को कहा और आज भी चोरी, हिंसा किसी से छुपी नहीं है उस समय नेगेटिव से पॉजिटिव होते थे। भगवान कृष्ण ने सिर्फ प्रेम की बांसुरी बजाई सभी प्राणियों से प्रेम करो।*
*त्याग तपस्या में मां- बेटे ,देवरानी- जेठानी, पति- पत्नी, भाई- बहन, देवर- भाभी जोर शोर से त्याग तपस्या में लगे हुए हैं*
जैन धर्म में सिर्फ गर्म में जल के आधार पर उपवास तपस्या करते हैं। *आज श्रीमती गुंजन ललवानी ने 12, निर्मल नाहटा ने 11, अनिकेत ललवानी ने 10, प्रिया सांखला, धर्मचंद टाटिया, कविता नाहर,इंदिरा बाफना,कंचन देवी श्रीश्रीमाल, सुनील ललवानी ने 8 तपस्या। नरेंद्र बाफना ,मीनू बाफना ,काजल नाहर, दिनेश श्रीश्रीमाल ने 7, तपस्या देवीचंद चोपड़ा,सरिता नाहटा, शर्मिला बाफना ,अजय सांखला, रचित नाहर,मौली राखेचा ने 6,तपस्या रश्मि नाहटा ने 5 तपस्या का उपवास तप का संकल्प ग्रहण किया। रविवार को ध्यान प्रतियोगिता आयोजित हुई जिसमें 40 महिलाओं ने भाग लिया। जैन संत ने एकासना दिवस के रूप में मनाने का आव्हान 6 अगस्त को किया*। *आज डोंगरगांव महिला मंडल जैन संत अक्षय मुनि जी मसा के दर्शन हेतु पधारे*
*सभा का संचालन श्रीमती वर्षा चौरड़िया ने किया।*
*श्रीमती ममता चोपड़ा ने श्री यतनाश्रीजी मसा के दीक्षा तिथि के आज 4 वर्ष पूर्ण होने पर अपने भाव रखें।*
