“पीएम मोदी के जन्मदिन पर जगदलपुर में दीपोत्सव को लेकर भारी बवाल: भाजपा और कांग्रेसी भिड़े, चले जूते-चप्पल; कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने साधा तीखा निशाना”

चंद्रहास वैष्णव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा समूचे प्रदेश में दीप प्रज्वलन कर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की जा रही है, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभियान के तहत पूरे प्रदेश में दीपोत्सव के रूप में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जगदलपुर में भी लगभग सवा लाख दिए जलाकर दीपोत्सव मनाने की भव्य तैयारी की गई थी। हालांकि, इस सरकारी व राजनीतिक आयोजन को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कड़ा ऐतराज जताया और पूरे प्रदेश में विरोध दर्ज कराया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कार्यक्रम से एक दिन पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दीपोत्सव में इस्तेमाल होने वाले तेल, दीयों और प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग को लेकर राज्य सरकार पर कड़े सवाल खड़े किए थे।

इसी कड़ी में जगदलपुर के कार्यक्रम स्थल (पैलेस रोड) पर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। कांग्रेसियों का कहना था कि दीपोत्सव के नाम पर छोटे फुटकर व्यापारियों की दुकानों को बंद करा दिया गया है, जो उनके पेट पर लात मारने जैसा है। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया कि सवा लाख दीयों और तेल के लिए बजट का आवंटन कहां से हुआ है और सरकारी अमला किसके आदेश पर इसमें जुटा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा निरीक्षण के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जहां कांग्रेसियों ने उन्हें घेरकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। उपमुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों की बात सुनी, लेकिन इसी बीच भाजपा कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए और कांग्रेसियों के सामने खड़े होकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तनातनी बढ़ गई और प्रदर्शन ने बेहद आक्रामक रूप ले लिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि भाजपा और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झूमाझटकी हुई और दोनों ओर से एक-दूसरे पर जूते-चप्पल फेंके गए, जिसमें कई कार्यकर्ताओं के चश्मे टूट गए। माहौल उग्र होता देख मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल के पसीने छूट गए और कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि जब कांग्रेस ने एक दिन पूर्व ही विरोध का समय और स्थल तय कर दिया था, तो उसी जगह उपमुख्यमंत्री का प्रोटोकॉल क्यों जारी किया गया।

मामले पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य का पक्ष:
घटना के बाद कांग्रेस के जगदलपुर जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य ने कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा और स्थानीय प्रशासन पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। सुशील मौर्य ने कहा:

“हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मोत्सव मनाने से कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन जिस तरह से आयोजन के नाम पर गरीबों की रोजी-रोटी छीनी गई, कांग्रेस उसका विरोध कर रही थी। पिछले दो दिनों से मुख्य मार्ग (पैलेस रोड) पर बैरिकेड लगाकर छोटे व गरीब फुटकर व्यापारियों की दुकानें जबरन बंद करा दी गईं, जिससे उनकी रोजी-रोटी ठप हो गई और भारी नुकसान हुआ। जब शहर में सिटी ग्राउंड, हाता ग्राउंड, लालबाग मैदान और दलपत सागर जैसे बड़े मैदान मौजूद थे, तो आम जनता और व्यापारियों को परेशान करने के लिए इस मार्ग का चयन क्यों किया गया?”

सुशील मौर्य ने आगे बताया:
“हम गरीब व्यापारियों और मंदिर जाने से रोके गए श्रद्धालुओं के हक में पूरी तरह शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। मौके पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी हमारी बात सुनकर माना कि निर्णय गलत था और उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। लेकिन उनके जाने के बाद अपनी किरकिरी से बौखलाए भाजपा नेता संजय पांडे युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंचे और गुंडई पर उतर आए। भाजपा के नगर अध्यक्ष और पदाधिकारियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया, महिलाओं को गालियां दीं और जूते लहराए।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोई जूता-चप्पल नहीं उठाया, गुंडई और हमले की शुरुआत भाजपाइयों ने की।”
अंत में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा:

“भाजपा सत्ता के नशे में चूर होकर शहर के शांत माहौल को अशांत कर रही है। कांग्रेस पार्टी अंग्रेजों से लड़कर आई है, वह चंद भाजपाइयों की इस गुंडई से डरने वाली नहीं है। जनता और गरीबों के अधिकारों के हनन पर कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।”