विनोद जैन
बालोद – जनता के पैसों की इस खुली लूट और नियमों को ठेंगा दिखाने वाले इस ’22 प्रतिशत के खेल’ पर पालिका के जिम्मेदार अफसर कब मुंह खोलेंगे? जब 1 अप्रैल 2026 से नई कलेक्टर दरें प्रभावी हो चुकी हैं, तो किस वित्तीय नियम या सक्षम स्वीकृति के आधार पर पुरानी एजेंसी को मूल अनुबंध से 22% अधिक ऊंची दरों पर सेवा विस्तार देकर भुगतान किया जा रहा है? बिना शासन की अनुमति के शासकीय धन का यह कैसा अतिरिक्त आहरण है?
सामान्य सभा द्वारा दिसंबर 2025 में ही आगामी वर्ष के लिए अग्रिम प्रशासनिक स्वीकृति दिए जाने के बावजूद, विभाग को पोर्टल पर बीड आमंत्रित करने में जून 2026 तक का समय क्यों लगा? 26 जून को वित्तीय बीड खुलने के बाद भी दर स्वीकृति की फाइल को पिछले 40 दिनों से संयुक्त संचालक कार्यालय में लंबित रखने के पीछे क्या मंशा है?
• निविदा दस्तावेज के अनुसार इस बिड की वैधता अवधि मात्र 30 दिनों की थी, जो तकनीकी रूप से समाप्त हो चुकी है। फाइल को जानबूझकर दबाकर रखने से यह बीड स्वतः निरस्त हो जाएगी, जिससे शासकीय समय और धन का अपव्यय होगा। इसके लिए सीधे तौर पर कौन जिम्मेदार है?
