विनोद जैन 
बालोद । भारतीय संस्कृति में गौमाता को माता का दर्जा प्राप्त है। गाय न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि, पर्यावरण और पोषण का आधार भी है। वर्तमान समय में गौ तस्करी, अवैध वध, सड़कों पर दुर्घटनाएं, एवं आवारा गायों की दुर्दशा अत्यंत चिंताजनक स्थिति में है इन्ही विषयो को लेकर पुरे भारत देश मे हर जगह गौभक्त संगठन सामाजिक संगठन गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने एवं सुरक्षा प्रदान करने कठोर कानून बनाने की मांग को लेकर जैन श्री संघ ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नाम तहसीलदार बालोद को ज्ञापन सौपा है
ज्ञापन के संबंध मे जैन श्री संघ के अध्यक्ष ताराचंद सांखला ने बताया की हमने ज्ञापन मे गौहत्या, गौ तस्करी एवं गौवंश के साथ क्रूरता करने वालों के लिए गैर-जमानती अपराध घोषित कर न्यूनतम 10 वर्ष कारावास एवं भारी आर्थिक दंड का प्रावधान करने की मांग प्रमुखता से रखा गया है अन्य मांगो को ज्ञापन मे
*गौ संरक्षण आयोग को अधिकार* राज्य गौ सेवा आयोग को न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकार देकर प्रत्येक जिले में गौ सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन किया जाए।
*गौशालाओं का सुदृढ़ीकरण*: प्रत्येक पंचायत स्तर पर आधुनिक गौशाला निर्माण, चारा-पानी की स्थायी व्यवस्था एवं पशु चिकित्सकों की नियुक्ति अनिवार्य की जाए।
*सड़कों पर सुरक्षा*: राजमार्गों एवं सड़कों पर आवारा गायों के लिए रेडियम कॉलर, गौ अभ्यारण्य एवं हादसा बीमा योजना लागू की जाए।
*गौ उत्पादों को बढ़ावा*: गौमूत्र, गोबर से बने उत्पादों एवं जैविक खेती को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए ताकि गौपालन आर्थिक रूप से लाभकारी बने।
हमारा विश्वास है कि गौमाता की रक्षा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है। अतः आपसे विनम्र आग्रह है कि आगामी विधानसभा सत्र में “छत्तीसगढ़ गौमाता पूर्ण सुरक्षा अधिनियम” पारित कराकर करोड़ों लोगों की आस्था एवं भावना का सम्मान किया जाय ज्ञापन देने वालो मे प्रमुख रूप से डॉ प्रदीप जैन हरीश सांखला मुकेश श्रीश्रीमाल मनोहर नाहता सुभाष ढेलडिया विनोद श्रीश्रीमाल लक्की लोढ़ा महावीर बाफना शुभम श्रीश्रीमाल महावीर जैन पुष्पेंद्र लोढ़ा रजत श्रीश्रीमाल तुषार लोढ़ा युग गोलच्छा मानव श्रीश्रीमाल मोक्ष राखेचा सहित अनेक लोग उपस्थित थे
