चंद्रहास वैष्णव 
जगदलपुर।
देश के प्रतिष्ठित पत्रकार एवं समाजसेवी स्व. रामेश्वरदयाल त्रिपाठी की पुण्य स्मृति में दिए जाने वाले रामेश्वरम् हिन्दी पत्रकारिता राष्ट्रीय पुरस्कार से इस वर्ष बस्तर के जमीनी पत्रकार विकास तिवारी ‘रानू’ को सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार हिन्दी पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय, विशिष्ट और प्रभावशाली योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा है। सम्मान के तहत उन्हें 11 हजार रुपये की नगद राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
रामेश्वरम् संस्थान, झांसी (उत्तर प्रदेश) के अध्यक्ष डॉ. सुधांशु त्रिपाठी ने बुधवार 17 दिसंबर की शाम इस आशय की घोषणा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के लिए गठित निर्णायक समिति ने विभिन्न मीडिया समूहों के साथ कार्य कर चुके वरिष्ठ पत्रकार विकास तिवारी ‘रानू’ का चयन किया है। समिति ने उनके द्वारा बस्तर क्षेत्र में की गई जमीनी रिपोर्टिंग, जनसमस्याओं और नक्सल प्रभावित इलाकों से जुड़ी सशक्त पत्रकारिता को विशेष रूप से सराहा है।
विकास तिवारी ‘रानू’ लंबे समय से बस्तर की जनता से जुड़े मुद्दों, नक्सलवाद और क्षेत्र की सामाजिक समस्याओं पर बेबाक और तथ्यपरक रिपोर्टिंग करते रहे हैं। वे ‘बस्तर टॉकीज’ नाम से यूट्यूब चैनल संचालित करते हैं और राष्ट्रीय समाचार चैनल एनडीटीवी के लिए भी रिपोर्टिंग कर चुके हैं। उनकी रिपोर्ट्स को व्यापक स्तर पर सराहना मिली है, जिसके चलते उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया।
उल्लेखनीय है कि रामेश्वरम् संस्थान, झांसी द्वारा रामेश्वरम् हिन्दी पत्रकारिता राष्ट्रीय पुरस्कार विगत 22 वर्षों से निरंतर प्रदान किया जा रहा है। वर्ष 2003 में पहले पुरस्कार से इस्पात नगरी भिलाई के लेखक एवं पत्रकार मुहम्मद जाकिर हुसैन को सम्मानित किया गया था। इसके बाद अनुराग द्वारी, रवीश रंजन शुक्ला, संदीप सोनवलकर, विकास सनाढ्य, निर्मल यादव और शरद द्विवेदी सहित कई प्रतिष्ठित पत्रकार इस सम्मान से नवाजे जा चुके हैं।
