जगदलपुर में नियम तोड़ने वाले निजी चिकित्सा संस्थानों पर जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई क्लीनिक-लैब सील, भारी जुर्माना — अब नहीं चलेगा मनमानी का इलाज

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

जगदलपुर, 22 अक्टूबर 2025।
बस्तर जिला प्रशासन ने निजी चिकित्सा संस्थानों में फैली अनियमितताओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। कलेक्टर हरीश एस. के निर्देश पर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक के नेतृत्व में गठित विशेष निरीक्षण दल ने शहर के विभिन्न निजी क्लीनिकों और डायग्नोस्टिक लैबों में औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में गंभीर खामियां और नियम उल्लंघन पाए गए, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल सख्त कदम उठाए। कुम्हारपारा स्थित डॉ. मोहनराव क्लीनिक को बिना वैध पंजीकरण और मानकों का पालन न करने पर सील कर दिया गया तथा ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया। वहीं बालाजी डायग्नोस्टिक लैब को पूर्व में लगाए गए ₹20,000 के जुर्माने का भुगतान न करने पर सील कर दिया गया। इसके अतिरिक्त लालबाग क्षेत्र के शिव शक्ति मेडिकल स्टोर के साथ संचालित क्लीनिक में अधिनियम के उल्लंघन पर ₹20,000 का जुर्माना लगाया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने कहा कि यह कार्रवाई सभी निजी चिकित्सा संस्थानों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि “नियमों का पालन अनिवार्य है।” उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस प्रकार के औचक निरीक्षण और कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उपचार के लिए केवल पंजीकृत और अधिकृत चिकित्सा संस्थानों का ही चयन करें। साथ ही किसी भी अनियमितता की सूचना प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है।

इस सख्त कार्रवाई को लेकर स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यह कदम निजी स्वास्थ्य संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में निरीक्षण और सघन होंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर बिना किसी रियायत के कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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