
दीपक विश्वकर्मा
उमरिया जिला मुख्यालय में अवैध कबाड़ के खेल की समस्या आम हो चुकी है कई स्थानों पर कबाड़ी खुलेआम अपना व्यवसाय चला रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था और सुरक्षा को गंभीर चुनौती मिल रही है। जनता यह सवाल उठा रही है कि पुलिस और प्रशासन इन कबाड़ियों के ऊपर कार्रवाई क्यों नहीं करते।
जिला मुख्यालय सहित कई स्थानों पर अवैध कबाड़ दुकानें खुलेआम संचालित हो रही हैं, जहां चोरी का सामान तक खरीदा-बेचा जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर लगातार सवाल उठते रहे हैं उमरिया में आम बात हो चुका है ऐसे कारोबारियों पर कई बार पुलिस संरक्षण देने के भी आरोप लगते हैं, जिससे इन पर कार्रवाई न के बराबर देखी जाती है स्थानीय नागरिकों की मांग हमेशा यही रहती है कि प्रशासन सख्ती से कदम उठाए और कबाड़ी कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
हाल ही में जिला मुख्यालय के चपहा कॉलोनी में चोरों द्वारा बड़ी चोरी को अंजाम दिया गया है वही कई स्थानों में चोरों द्वारा कई मकानों को भी निशाना बनाया गया पिछले माह पाली पटवारी के यहां सेंधमार के बड़ी चोरी को भी इन चोरों द्वारा अंजाम दिया गया लेकिन पुलिस उन चोरों को आज भी तलाश कर रही है और खाली हाथ ही बैठी है जिले में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और चोरों के हौसले भी बुलंद होते जा रहे हैं चोरों द्वारा चोरी किए गए सामानों को इन्हीं दुकानों में खपाया जा जाता है जिससे जिले में आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है और पुलिस प्रशासन मौन रहती है या छिटपुट कार्रवाई करके छोड़ देती है, जिससे अवैध कबाड़ का कारोबार बंद नहीं होता ऐसे व्यवसायियों के पास अक्सर लाइसेंस भी नहीं होता या गलत लाइसेंस पर गैरकानूनी काम करते हैं पुलिस एवं प्रशासन को विशेष अभियान चलाकर लाइसेंस की जांच कर चोरी के मामलों की पड़ताल, और अवैध कबाड़ी की दुकानों को बंद करवाने के ठोस कदम उठाने चाहिए कानून के मुताबिक कबाड़ व्यवसाय के लिए लाइसेंस अनिवार्य है, बिना लाइसेंस चल रहे कारोबारियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए
जनता का सवाल उचित है अवैध कबाड़ के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई न होने से कानून व्यवस्था और आम जन की सुरक्षा खतरे में पड़ती नजर आ रही है पुलिस विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ऐसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ कठोर और निरंतर कार्यवाही करनी चाहिए ताकि क्षेत्र की जनता पुलिस प्रशासन पर विश्वास कर अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सके।।
