नरेन्द्र मोदी के 4078 दिन: नए भारत की दिशा में परिवर्तन का महायज्ञ:राजीव श्रीवास

रिपुदमन सिंह बैस

*भानुप्रतापपुर @ रिपुदमन सिंह बैस* 2014 में भारत ने नरेन्द्र दामोदरदास मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में चुना, तब देश एक ऐसे नेतृत्व की प्रतीक्षा कर रहा था जो स्पष्ट दृष्टि, संकल्प और निस्वार्थ राष्ट्रसेवा की भावना से युक्त हो। प्रधानमंत्री मोदी ने उस विश्वास को न केवल निभाया, बल्कि भारत को सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और वैश्विक पटल पर एक नए युग में प्रवेश कराया।

इन 4078 दिनों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब कल्याण को शासन का मूल बनाया। उज्ज्वला योजना से महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली, प्रधानमंत्री आवास योजना ने करोड़ों लोगों को पक्के मकान दिए और आयुष्मान भारत योजना ने गरीबों को पहली बार स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मविश्वास दिया। जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया, जिससे सब्सिडी और योजनाएं सीधे उनके खातों तक पहुँचीं।

आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार ने जीएसटी लागू कर “एक राष्ट्र, एक टैक्स” की संकल्पना को साकार किया। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों ने न केवल निवेश को बढ़ावा दिया, बल्कि देश के युवाओं में नवाचार की लहर पैदा की। भारत ने वैश्विक निवेश का केंद्र बनते हुए बुनियादी ढांचे, राजमार्गों, रेलवे और तकनीकी क्षेत्र में अद्वितीय प्रगति की।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व मंच पर अपनी छवि को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भारत की भूमिका निर्णायक बन गई। G20 की अध्यक्षता हो या क्वाड जैसे रणनीतिक मंच — भारत अब निर्णायक नीति निर्माता की भूमिका में है। प्रवासी भारतीयों में गर्व की भावना जागी और भारत के लिए सम्मान में अभूतपूर्व वृद्धि हुई।

राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति उनका रुख स्पष्ट और दृढ़ रहा। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसी साहसिक कार्रवाइयों से देश ने यह जाना कि अब भारत चुप नहीं बैठता। सीमाओं पर बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हुआ और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर ज़ोर देकर आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिली। दशकों से लंबित वन रैंक वन पेंशन को लागू कर सेनाओं को सम्मान मिला।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दृष्टि से मोदी सरकार ने भारत की सनातन पहचान को पुनर्स्थापित किया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक और पुरी जगन्नाथ धाम का विकास हुआ। योग को वैश्विक पहचान दिलाकर भारत की परंपरा को अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ।

ऐतिहासिक निर्णयों की बात करें तो अनुच्छेद 370 की समाप्ति से कश्मीर को भारत की मुख्यधारा में लाया गया। तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाकर मुस्लिम बहनों को न्याय दिलाया गया। नागरिकता संशोधन कानून के माध्यम से भारत में सताए गए अल्पसंख्यकों को आश्रय और गरिमा का जीवन देने की पहल की गई। नया संसद भवन देश की लोकतांत्रिक परंपरा में एक आधुनिक अध्याय जोड़ता है।

कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में भी भारत ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अनुकरणीय कार्य किया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से 80 करोड़ से अधिक लोगों तक राशन पहुँचाया गया। भारत ने न केवल स्वयं को कोविड वैक्सीन प्रदान की, बल्कि ‘वैक्सीन मैत्री’ के माध्यम से दर्जनों देशों की सहायता भी की। कोविन पोर्टल जैसी तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी दुनिया के लिए मिसाल बनीं।

नई शिक्षा नीति 2020 के द्वारा शिक्षा को व्यवहारिक, मातृभाषा आधारित और समग्र बनाया गया है। डिजिटल क्रांति की बदौलत UPI जैसे सिस्टम्स ने पूरे विश्व को यह दिखा दिया कि एक विकासशील देश भी तकनीकी नेतृत्व में अग्रणी हो सकता है।

आज जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने 4078 दिन पूरे कर लिए हैं, तब यह गर्व से कहा जा सकता है कि यह केवल एक प्रधानमंत्री का कार्यकाल नहीं, बल्कि भारत के पुनरुत्थान का कालखंड है। मोदी जी की कार्यशैली, राष्ट्र प्रथम की भावना, पारदर्शिता, और जनता से जुड़ाव ने राजनीति की परिभाषा को बदल डाला है। उन्होंने भारत को ‘कर्मभूमि’ माना और हर निर्णय में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा।

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