*नरसिंहपुर, आशीष कुमार दुबे*
विभागीय अधिकारी अतिवर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखें
कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने समय सीमा की बैठक में दिए निर्देश
नरसिंहपुर। कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने कहा कि विभाग प्रमुख अधिकारी सीएम हेल्पलाइन में दर्ज विभिन्न प्रकरणों का निराकरण संतुष्टिपूर्वक दर्ज करें। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण में “डी” कैटेगिरी में आने वाले विभागों को सुधार करने के निर्देश दिये, जिससे उक्त प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कर “ए” कैटेगिरी में आ सके। विभाग प्रमुखों को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण संतुष्टि तथा गुणवत्ता पूर्वक दर्ज करना होगा। कलेक्टर श्रीमती पटले सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रही थी। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री दलीप कुमार, अपर कलेक्टर श्रीमती अंजली शाह सहित जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर श्रीमती पटले ने आयोजित बैठक में पेंशन प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभागों में लंबित पेंशन प्रकरणों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता से समय सीमा में पूर्ण किया जाए। किसी भी विभाग में पेंशन के प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। पेंशन प्रकरण लंबित रहने की स्थिति पर लेखा प्रभारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर श्रीमती पटले ने आयोजित बैठक में विभागों द्वारा ई- फाईल सिस्टम की समीक्षा की। उन्होंने समस्त अधिकारियों को ई- फाईल के माध्यम से फाइलें प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। बैठक में नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ई- केवायसी की प्रगति के संबंध में समीक्षा की गई। विभागीय अधिकारियों को ई- केवायसी के प्रकरणों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने को कहा गया। आयोजित बैठक में जिले में आधार सत्यापन के संबंध में भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्रीमती पटले ने आयोजित बैठक में विभागों द्वारा भूमि आवंटन के प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने विभागों के मांग के अनुरूप राजस्व विभाग को भूमि आवंटन करने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्रीमती पटले ने खाद्य विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के ई- केवायसी के संबंध में भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ई- केवायसी के कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कर लिया जाए। बैठक में जिले की उचित मूल्य की दुकानों से राशन वितरण की स्थिति, राशन की उपलब्धता और वेयर हाऊस की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्रीमती पटले ने कहा कि मत्स्य विभाग के द्वारा समस्त समितियों के बैंक खाते अनिवार्य रूप से खुलवाया जाए, जिससे समितियां बैंकों के माध्यम से लेन-देन का कार्य कर सकें। उन्होंने जिले में वर्षा की स्थिति को देखते हुए मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु जल स्रोतों तथा पेयजल स्रोतों में छिड़काव करने के निर्देश दिये, जिससे कोई भी नागरिक दूषित जल का उपयोग न कर सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा अस्पताल की स्थिति और दवाईयों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। आयोजित बैठक में राजस्व प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। राजस्व विभाग में सीमांकन संबंधित प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्रीमती पटले ने समस्त विभाग प्रमुखों को निर्देश दिये कि अपने कार्यालय को साफ- सुथरा एवं स्वच्छ रखें। कोई भी अधिकारी या कर्मचारी या आगंतुक कार्यालय में पान- गुटखा खाकर इधर- उधर न थूकें। उन्होंने कार्यालय में पान- गुटखा खाकर थूकने वालों के विरूद्ध जुर्माना लगाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने आयोजित बैठक में अस्पतालों में एम्बुलेंस के रखरखाव एवं उपयोग के संबंध में जानकारी ली। निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये तथा निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्वक समय सीमा में पूर्ण करने को कहा। कलेक्टर श्रीमती पटले ने जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिये कि वाहनों की नियमित रूप से जांच करें। वाहन चालकों के आंखों का भी परीक्षण किया जाए।
कलेक्टर श्रीमती पटले ने जिले में बाढ़ एवं अतिवर्षा से आंगनबाड़ी केन्द्र, स्कूल, उचित मूल्य दुकान और अस्पतालों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों या स्कूलों में पानी भराव की स्थिति है या क्षतिग्रस्त होने की संभावना है, उन्हें अन्यंत्र स्थांतारित करें, जिससे किसी भी प्रकार की घटना- दुर्घटना की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी अपने- अपने कार्य क्षेत्रों के अंतर्गत नदी-नालों एवं पुल-पुलियो की स्थिति और शासकीय एवं अशासकीय भवनों पर भी निगरानी रखें। उन्होंने इस अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्टॉफ एवं दवाईयों की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली।
