शिक्षक आज स्कूल छोड़ उतरें सड़कों पर,शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के बैनर तले जिले के 7विकासखंडों किया जंगी धरना प्रदर्शन, जिले 250 से अधिक स्कूलों में रही तालाबंदी

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

कांकेर – आज कांकेर जिले के 7विकासखंड में जमकर नारेबाजी के साथ रैली निकाल धरना दिया सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर जबरदस्त नारेबाजी की ,शिक्षक स्कूलों में पढ़ाना छोड़ एक बार फिर सड़को पर उतरकर सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद किया जिले के सैकड़ों स्कूलों में तालाबंदी रही बच्चे दिन भर खेलते रहे,शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के प्रदेश सहसंचालक वाजिद खान,हेमेंद्र साहसी, राजेश शर्मा जिला संचालक स्वदेश शुक्ला, नंदकुमार अटभैया ने बताया कि शिक्षिका सोना साहू के तर्ज पर एरियर्स राशि सहित क्रमोन्नति वेतनमान, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन बहाली सहित संपूर्ण लाभ, पदोन्नति में डीएड को भी मान्य किए जाने तथा वर्तमान में हुए युक्त युक्तिकरण रद्द कर 2008 का सेटअप लागू करने की मांग को लेकर
ब्लॉक संचालक सत्य नारायण नायक ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेशानुसार सूरजपुर जिले की शिक्षिका सोना साहू को प्रथम नियुक्ति तिथि से क्रमोन्नति वेतनमान दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें पूरी एरियर्स राशि की भुगतान भी कर दी गई है। लेकिन राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के समस्त पात्र शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान देने का जनरल आर्डर नहीं दिया जा रहा है। जिससे प्रदेश के 1 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हैं और उन्हें आर्थिक रूप से हर माह 15 से 20 हजार रुपए का एक बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। संगठन की मांग है कि राज्य सरकार द्वारा सभी शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान देने का जनरल आर्डर जारी किया जाए।शिक्षकों की नियुक्ति 1995 एवं 1998 से हुई है,लेकिन प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना न कर संविलियन तिथि 2018 से की जा रही है। जिससे शिक्षकों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। शिक्षक साझा मंच की मांग है कि शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवागणना कर पुरानी पेंशन बहाली सहित समस्त लाभ दिया जाए।
, जिला सह संचालक निरंकार श्रीवास्तव,पंकज बाजपेयी,प्रकाश चौधरी,अमित राठौर, ने बताया कि डीएड योग्यताधारी शिक्षकों को भी व्याख्याता एवं प्राचार्य के पदों पर पदोन्नति दी जाए। इसी प्रकार वर्तमान में हुए युक्त व्यक्तीकरण में सेटअप 2008 का पालन नहीं किया गया है।बहुत सारी खामियां हैं, प्राथमिक शाला से शिक्षकों की संख्या 3 से घटकर दो कर दी गई है। मिडिल, हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी एक-एक शिक्षकों की कटौती कर दी गई है। इस प्रकार प्रदेश के स्कूलों में लगभग 57,000 शिक्षकों के पदों को एक झटके में समाप्त कर दिया गया है।
इस बार प्रदेश के 23 शिक्षक संगठन हुए है एक
प्रदेश के 23 शिक्षक संगठन इस बार एक मंच पर आकर शिक्षक साझा मंच बनाए हैं और आंदोलन का ऐलान किए है। जिससे प्रदेश के एक लाख अस्सी हजार शिक्षक विभिन्न मांगों को लेकर इस बार हड़ताल पर हैं। इससे पूर्व भी प्रदेश के राजधानी में शिक्षकों ने जोरदार हल्ला बोला था। 15 से 30 जून तक काली पट्टी लगाकर स्कूल भी जाते रहे तथा शासन को विरोध जताते रहे।
साझा मंच के प्रदेश संयोजक मंडल ने स्पष्ट और दो टूक शब्दों में कहा है कि सरकार उनकी मांगों को और हड़ताल को हल्के में न ले अन्यथा प्रदेश भर के समस्त स्कूलों में तालेबंदी कर सभी शिक्षक अनिश्चितकालीन आंदोलन में चले जाएंगे जिनकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। आज ज्ञापन कलेक्टर श्री निलेश महादेव क्षीरसागर को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा व स्थानीय वरिष्ठता सूची में त्रुटि जिले में 58 रिक्त पदों को प्रदर्शित नहीं करने सहित अतिशेष सूची गणना में त्रुटि व युक्तियुक्तकरण नियम के विपरीत विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा कार्य किए जाने पर उच्च स्तरीय समिति गठित कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग पर कलेक्टर कांकेर ने शीघ्र इस संबंध में बैठक संघ पदाधिकारी व अधिकारियो की संयुक्त बैठक आयोजित करने हरेश मंडावी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कांकेर को सुझाव देते हुए युक्ति युक्त करण नीतियों के तहत जिले के शिक्षको को किस तरह समायोजित किया जा सकता है इस पर विस्तृत चर्चा की गई ज्ञापन सौंपने वालो में प्रदेश पदाधिकारी वाजिद खान, हेमेंद्र साहसी, राजेश शर्मा, जिला पदाधिकारी स्वदेश शुक्ला, नंद कुमार है भैया अमित राठौर नितेश उपाध्याय, ब्लॉक संचालक सत्यनारायण नायक ललित साहू गणेश रवानी, कौशल मंडावी रोमन जैन, कमलेश साहु,कुमार मंडावी अशोक नेताम सहित ब्लॉक के अन्य शिक्षक उपस्थित थे

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