गाँव-गाँव इलाज लेकर दौड़ रही ‘उम्मीद की गाड़ी’, कोण्डागांव में पशुपालकों के लिए वरदान बनी मोबाइल वेटरनरी यूनिट (एम.वी.यू.)

  1. कोंडागांव ब्रेकिंग न्यूज__
    फागू यादव,

कोण्डागांव, 20 मई 2025: आदिवासी बहुल क्षेत्र कोण्डागांव में अब पशुपालन एक नई उम्मीद की किरण बन रहा है, और इसका श्रेय जाता है मोबाइल वेटरनरी यूनिट (एम.वी.यू.) को, जो दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी पशुओं के लिए चलती-फिरती अस्पताल बन चुकी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन अब परिणाम देने लगा है।

पारंपरिक और सीमित संसाधनों के साथ पशुपालन करने वाले ग्रामीणों को पहले समय पर इलाज न मिलने के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। लेकिन अब एम.वी.यू. सेवा उनके द्वार पर पहुँचकर न केवल इलाज दे रही है, बल्कि भरोसे और आत्मनिर्भरता की भी भावना जगा रही है।

14 सितंबर 2023 से शुरू हुई यह सेवा जिले के सभी विकासखंडों में सक्रिय है और अब तक 4643 गाँवों तक अपनी पहुँच बना चुकी है। वर्ष 2024-25 में अब तक 56210 पशु-पक्षियों का इलाज, 56410 पशुपालकों को निःशुल्क दवाओं का वितरण, 135586 पशु-पक्षियों का टीकाकरण, 23002 जांच, 578 गायों में कृत्रिम गर्भाधान एवं 3150 निकृष्ट बैलों का बधियाकरण किया जा चुका है।

एम.वी.यू. प्रतिदिन तीन गाँवों में जाकर सेवा दे रही है। इसका प्रभाव न केवल पशुओं के स्वास्थ्य पर, बल्कि पशुपालकों के जीवन स्तर पर भी पड़ा है।

जमीनी सफलता की कहानियाँ

ग्राम पदनार के श्री पोहड़ो की भैंस प्रसव नहीं कर पा रही थी क्योंकि गर्भ में ही बछड़े की मृत्यु हो चुकी थी। तत्काल एम.वी.यू. को सूचना दी गई, जिसने समय पर पहुँचकर सुरक्षित शल्यक्रिया से मृत बछड़े को निकाला और भैंस की जान बचाई। आज वह भैंस पूरी तरह स्वस्थ है।

वहीं ग्राम लंजोड़ा के श्री राकेश महेलवार के बैल का पैर दुर्घटना में टूट गया था। चिकित्सक की अनुपस्थिति में एम.वी.यू. कोण्डागांव की टीम ने मौके पर पहुँचकर बैल की सफल शल्यक्रिया की और उसे नया जीवन दिया।

निष्कर्षतः, एम.वी.यू. न केवल बीमार पशुओं का इलाज कर रही है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में पशुपालकों के जीवन में एक नई उम्मीद, सुरक्षा और समृद्धि की कहानी भी लिख रही है। यह गाड़ी अब आशा और आत्मनिर्भरता की प्रतीक बन चुकी है।

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