*निगम चुनाव में भाजपा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रही* निगम में दस साल तक लगातार काबिज रही कांग्रेस के भ्रष्टाचार गिना रही*

चंद्रहास वैष्णव

जगदलपुर। नगर निगम चुनाव में भाजपा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रही है। जगदलपुर में कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार की गूंज एक बार फिर सुनाई देने लगी है। जनता और विपक्ष ने कांग्रेस पर दलपत सागर वीड मशीन घोटाला, डस्टबिन खरीदी घोटाला और प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी घोटाले जैसे कई घोटालों का आरोप लगाते हुए इसे नगर निगम चुनाव में बड़ा मुद्दा बना दिया है। खासकर, कांग्रेस पार्षद कोमल सेन पर पीएम आवास योजना की सूची में नाम जोडऩे के लिए रिश्वत लेने के आरोप ने कांग्रेस को बैकफुट पर ला दिया है। अब जनता जवाब मांग रही है कि इन 10 सालों में नगर निगम ने विकास किया या सिर्फ घोटाले ही किए?

भाजपा कह रही- भ्रष्टाचार का किला बना नगर निगम
भाजपा कह रही है कि नगर निगम में बीते 10 वर्षों से कांग्रेस काबिज है और इन वर्षों में भाजपा सहित अन्य विपक्षी दलों ने बार-बार प्रशासन में गड़बडिय़ों का मुद्दा उठाया। दलपत सागर वीड मशीन घोटाले में करोड़ों की गड़बड़ी के आरोप लगे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डस्टबिन खरीदी घोटाले में नगर निगम द्वारा अत्यधिक कीमत पर कूड़ेदान खरीदे गए, जबकि वार्डों में अब भी सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। पीएम आवास योजना में धांधली के आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि “गरीबों के मकान तक बेच दिए गए, और कांग्रेस पार्षदों ने खुलेआम लोगों से पैसा लेकर लिस्ट में नाम जुड़वाए।

कांग्रेस ने सिर्फ शहर को लूटा है: किरण देव
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव कह रहे हैं कि कांग्रेस ने 10 सालों में शहर को सिर्फ लूटा है। जनता का पैसा घोटालों में डुबो दिया गया, और अब फिर से वोट मांगने आ रहे हैं। इस बार जनता इन्हें जवाब देगी। देव ने कहा है कि शहर में इस वक्त भाजपा के पक्ष में माहौल है और शहर में कमल खिलने जा रहा है।

क्या नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को लगेगा झटका?
नगर निगम चुनाव में जनता इस बार भ्रष्टाचार बनाम विकास के आधार पर वोट देने की बात कर रही है। शहर के निवासी अब घोटालों और अधूरे विकास कार्यों का हिसाब मांग रहे हैं। जगदलपुर में कांग्रेस को इन घोटालों के कारण कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। विपक्ष इन्हीं मुद्दों को हथियार बनाकर जनता को लुभाने में जुट गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम चुनाव में जनता भ्रष्टाचार पर कैसे जवाब देती है, सत्ता बरकरार रखती है या बदलाव लाती है?