*इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का समापन: बस्तर में नवाचार और उद्यमिता को मिली नई दिशा*

चंद्रहास वैष्णव

शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” का समापन मंगलवार को उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। समापन समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दुनिया में जितने भी बड़े बदलाव हुए हैं, उनकी शुरुआत नवाचार (इनोवेशन) से ही हुई है। उन्होंने इस आयोजन को बस्तर में उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि बस्तर में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और यहां के लोग मेहनती हैं। आत्मसमर्पित बच्चों की सहभागिता पर प्रसन्नता जताते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि बस्तर के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मंशा के अनुरूप बस्तर को देश का सबसे बेहतर जनजातीय क्षेत्र बनाने का संकल्प दोहराया।

मुख्यमंत्री ने “नियद नेल्लानार 2.0” योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें 10 जिलों को शामिल कर गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। इससे ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि प्रदेश में उद्यमिता के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और विकसित भारत के निर्माण में बस्तर की भूमिका भी प्रमुख होगी। विधायक किरण सिंह देव ने 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी से देश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि बस्तर में शांति अब एक अवसर के रूप में सामने आई है और यहां डर की जगह अब सपनों ने ले ली है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने युवाओं को अपने जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने विश्वविद्यालय में नवनिर्मित प्रवेश द्वार “अटल द्वार” एवं लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर मार्ग का लोकार्पण भी किया।

समापन सत्र में कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ उनके आइडिया को व्यवसाय में बदलने के लिए मेंटरशिप, फंडिंग और मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि वास्तविक समस्याओं का समाधान तैयार करना है, जिससे नवाचार और कौशल का विकास होता है।

आयोजन के तकनीकी सत्र में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि वर्तमान दौर नॉलेज-आधारित अर्थव्यवस्था का है और समाज के प्रति संवेदनशीलता के साथ इनोवेशन को बढ़ावा देना आवश्यक है।
इस दौरान The Indus Entrepreneurs (TiE) रायपुर चैप्टर, iCreate और एसएमकेवी-आईएसएफ के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। राजीव प्रकाश ने बस्तर के 25 विद्यार्थियों को उद्यमिता प्रशिक्षण देने की घोषणा की।

प्रतियोगिताओं में बेस्ट आइडिया श्रेणी में विशाल हालदार (प्रथम), गुंजन पटेल (द्वितीय) और हर्षवर्धन बाजपेयी (तृतीय) रहे। वहीं बेस्ट स्टार्टअप श्रेणी में विनोद कुमार ने प्रथम, सलोनी ने द्वितीय और पीयूष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम में प्रशांत कविश्वर, दिनेश कश्यप, विनायक गोयल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।