चंद्रहास वैष्णव
सुकमा/बीजापुर: एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. सुकमा और बीजापुर के बार्डर एरिया में माओवादियों की सुरंग मिली है. जवान जब नक्सलियों के बनाए सुरंग में पहुंचे तो उनके होश उड़ गए. सुरंग में बम और बंदकें बनाने की पूरी फैक्ट्री नक्सलियों ने लगा रखी थी. फोर्स को सर्चिंग के दौरान ये सुरंग सुकमा और बीजापुर के बीच में तुमरेल और तलपेरु नदी के किनारे मिली है.
सुरंग में नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री: सुकमा डीआरजी के जवान जब सुरंग के भीतर टॉर्च की रोशनी में पहुंचे तो उनके होश उड़ गए. सुरंग के भीतर पूरा का पूरा एक कमरा बना हुआ मिला. कमरे के भीतर कई तरह की लेथ मशीनें लगी हुई मिली. लेथ मशीनों के जरिए हथियार बनाने का यहां काम किया जा रहा था. सुरंग के भीतर से डीआरजी जवानों को कई हथियार और बम भी मिले हैं. सुरंग में कई बॉटल बम बनाकर रखे गए थे. हथियार और बम बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान भी बरामद किए गए. कांच की बोतलों में बमों को बनाए जाने की खबर लंबे वक्त से फोर्स को मिल रही थी.
देशी बीजीएल और लोहे के कारतूस:–सुरंग में जांच के दौरान ये भी खुलासा हुआ कि नक्सली बड़ी संख्या में देशी बीजीएल और लोहे से बने कारतूस बना रहे हैं. बीते दिनों ईटीवी भारत की टीम ने एनकाउंटर वाली जगह से लोहे के कारतूस और बीजीएल सेल की तस्वीरें दिखाई थी. ये पहली बार नहीं है जब नक्सलियों की फैक्ट्री जंगल में मिली है. इससे पहले भी जंगल के भीतर से नक्सलियों की लगाई लेथ मशीन पुलिस ने बरामद की है.
केवल 2 दिनों में 17 नक्सली ढेर:–15 जनवरी को मद्देड़ में हुए एनकाउंटर में जवानों ने पांच नक्सलियों को मार गिराया तो वहीं 16 जनवरी को जवानों ने नक्सलियों के मांद में घुसकर 12 नक्सलियों को मार गिराने में बड़ी उपलब्धि हासिल की। मारे गए सभी नक्सली हार्डकोर माओवादी थे.दोनो ही मुठभेड़ों वाली जगह से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद पुलिस ने बरामद किया.
अमित शाह ने दी 2026 की डेडलाइन:–अमित शाह ने अपने बस्तर दौरे पर कहा था कि साल 2026 मार्च तक माओवाद पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा. नक्सली या तो हथियार डाल दें या फिर बहादुर जवानों की गोली का सामना करने के लिए तैयार रहें. गृहमंत्री ने कहा था कि जब वो साल 2026 में आएंगे तब माओवाद समाप्त हो चुका होगा।
पुनर्वास नीति के तहत हथियार डाल मुख्य धारा में लौटने को दी थी हिदायत:–छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत हिदायत दी थी कि वे अपने हथियारों को छोड़कर मुख्य धारा में वापस लौटें व आत्मसमर्पण कर बेहतर जीवन को स्वीकार करें वरना सरकार भी उनके विरुद्ध कड़े फैसले लेगी।डिप्टी सीएम ने आपस में बात रखने तक की बातों को स्वीकारते हुए भी कहा था कि अगर नक्सली सरकार से किसी भी माध्यम से अपनी बातें रखना चाहते है तो वे रख सकते है लेकिन इस रह पर नक्सलियों द्वारा कोई जवाब नहीं आया।
