*आदिवासी युवाओं के सपनों की उड़ान: सांस्कृतिक धरोहर से आत्मनिर्भरता की ओर…*

अंतागढ़, रावघाट
रिपुदमन सिंह बैस

विशाखापत्तनम में आयोजित 16 वें एन वाई के जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के लिए 20 स्थानीय आदिवासी युवा का दुसरा समूह (10 लड़के और 10 लड़कियां) उत्साह और उम्मीदों के साथ रवाना हुए। इस प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन 6 से 12 दिसंबर तक होगा, जिसका उद्देश्य आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाना, उनकी सांस्कृतिक पहचान को उजागर करना, और नई चीजें सीखने का अवसर प्रदान करना है।

बीएसएफ की 162 वीं बटालियन के तत्वावधान में दुसरा समूह सारंगीपाल बीएसएफ कैंप से सुबह 10:30 बजे रवाना हुआ। यूनिट के कार्यवाहक कमांडेंट अनिल कुमार ने समूह को रवाना करने से पहले युवाओं को सुरक्षा, अनुशासन और शिक्षा की अहमियत पर प्रेरक संबोधन दिया। इस अवसर उन्होंने कहा *”आप सभी आदिवासी युवा हमारे देश की विविधता और सशक्त भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह कार्यक्रम आपके व्यक्तित्व, कौशल और दृष्टिकोण को निखारने का सुनहरा अवसर है।”*

उन्होंने युवाओं से अपील भी की, अपने अनुभवों और ज्ञान को साझा करें, साथ ही अनुशासन और संस्कृति के प्रति गर्व का प्रदर्शन करें। इस कार्यक्रम से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को गहराई से समझ पाएंगे।

समूह को झंडी दिखाकर रवाना करते हुए, उन्होंने इस प्रयास को आदिवासी समुदाय को राष्ट्रीय विकास में भागीदार बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। यह पहल आदिवासी युवाओं को उनकी संस्कृति को संरक्षित करने के साथ-साथ उन्हें नए क्षितिज पर पहुंचाने का अवसर प्रदान करती है।

*यह आयोजन न केवल युवाओं को प्रेरित करेगा, बल्कि उनके सपनों को एक नई उड़ान देगा*

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