मनिराम सिन्हा

नरहरपुर. आज भी अधिकतर गांव में कई लोग पढ़े लिखे नहीं हैं। जिनको साक्षर बनाने शासन प्रशासन अपने स्तर पर मेहनत कर रही है। इसी कड़ी में रविवार को नरहरपुर विकासखण्ड में कई गांव से जो तस्वीरे निकलकर सामने आईं है उसमें कुछ महिलाएं अपने दूध पीते बच्चों के साथ परीक्षा दिलाने केंद्रों में पहुँची। तो वहीं नरहरपुर विकासखंड के ग्राम डंवरखार एक गांव में तीनों भाइयों ने एक साथ परीक्षा दिलाई। सर्वे के दौरान इनके पिता ने अपने तीनों बच्चों नहीं पढ़ाये जाने पर अफसोस करते हुए इस बार तीनो बच्चों को साक्षर बनाने की ठान ली थी। राष्ट्रीय कार्यकम उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला कलेक्टर व पदेन अध्यक्ष जिला साक्षरता समिति के मार्गदर्शन में 17 मार्च को विकास खण्ड नरहरपुर के लिए निर्धारित लक्ष्य 1000 में से 970 लोगों ने यह साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत परीक्षा में सम्मिलित हुए। विकास खण्ड अन्तर्गत 38 ग्राम पंचायत एवं नगर पंचायत नरहरपुर के 10 नम्बर वार्ड के असक्षरों ने परीक्षा दी। उक्त कार्यक्रम में विशेष योगदान विकास खण्ड नरहरपुर के साक्षरता कार्यक्रम में खण्ड शिक्षा अधिकारी, विकास खण्ड नरहरपुर श्री के. के. साहू, साक्षरता कार्यक्रम के नोडल सुश्री क्षमा सोनेल, सहायक खण्ड शिक्षा अधकारी, का रहा है। साथ ही समस्त संकुल समन्वयक एवं ग्राम पंचायत प्रभारियों एवं सर्वेयर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाया।
