
आर एस भटनागर
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बस्तर की 12 विधानसभा सीटों सहित कुल 20 सीटों पर 7 नवंबर को मतदान होंगे। बस्तर चूंकि नक्सल प्रभावित संभाग माना जाता है, ऐसे में यहां चुनाव संपन्न करवाना निर्वाचन आयोग के लिए चुनौती भरा होता है। इसके चलते बस्तर में 1 लाख से ज्यादा जवानों को तैनात करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बस्तर संभाग में 1 लाख से ज्यादा जवानों की पहरेदारी में चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे।
मालूम हो कि विधानसभा, लोकसभा, नगरीय निकाय व पंचायत चुनावों को नक्सलियों द्वारा हमेशा विरोध किया जाता रहा है। वहीं चुनाव में बाधा डालने का प्रयास भी नक्सलियों ने लगातार किया है। बीते दिनों जहां सुकमा जिले में नक्सलियों ने चुनाव का बहिष्कार करने संबंधी बैनर-पोस्टर फेंके थे, वहीं कांकेर जिले में भी नक्सलियों के चुनाव के विरोध वाले बैनर-पर्चे मिल चुके हैं। ऐसे में चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न करवाने पूरी रणनीति बना ली है।
इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच को तेज कर दिया गया है। इसके साथ ही नक्सल विरोधी अभियानों में भी तेजी आई है। बीते दिनों जहां बीजापुर जिले में मारे गए 8 लाख के ईनामी नक्सली नागेश की मुठभेड़ में मौत भी जवानों की ही नक्सल विरोधी अभियानों का हिस्सा है। दरअसल बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर व कांकेर में नक्सलियों की आमदरफ्त बनी रहती है। ऐसे में चुनाव के दौरान अपनी उपस्थिति दिखाने के लिए नक्सली छोटी-बड़ी घटनाओं को अंजाम देते हैं, लेकिन सुरक्षा बल के जवान बस्तर की सुरक्षा में डटे हुए हैं।
बताया जाता है कि चुनाव संपन्न करवाने के लिए जिला पुलिस के साथ ही डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया गया है। हालांकि सीआरपीएफ व आईटीबीपी के जवानों के कैंप बस्तर में पहले से स्थापित हैं और जिला पुलिस के साथ डीआरजी-एसटीएफ लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन बीएसएफ को चुनाव के लिए बस्तर में तैनात किया गया है। जिन क्षेत्रों में नक्सलियों का वर्चस्व माना जाता है, वहां तेजी से ऑपरेशन चलाने के साथ ही ज्यादा संख्या में जवानों को भी तैनात किया गया है।
बस्तर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस सुंदरराज पी. ने बताया कि विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाने पूरी रणनीति तैयार है। बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में लगातार ऑपरेशन जारी हैं। वहीं बस्तर पुलिस के पास पहले से ही स्पेशल फोर्स है, वहीं चुनाव के लिए बाहर से भी फोर्स मंगवाई गई है। चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न किए जाएंगे। इसके लिए पुलिस ने पूरी कार्ययोजना बना ली है।
