यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

भाजपा से किरण देव, कांग्रेस से जतीन किशोर जायसवाल, आम आदमी पार्टी से नरेन्द्र भवानी के साथ ही शुभम सिंह जोगी कांग्रेस से नवनीत चांद बहुजन समाज पार्टी से संपत कश्यप, अखिल भारत समग्र क्रांति पार्टी से ठाकुर दिलीप सिंह, राष्ट्रीय जनसभा पार्टी विरेन्द्र बैध, आजाद जनता पार्टी से सरिता सिंह, सर्व आदि दल से डॉ सुरेन्द्र बालकी और निर्दलीय नामांकन भरने वालों में अब्दुल कय्यूम, टी.व्ही.रवि, विपिन कुमार तिवारी और सुभाष कुमार बघेल शामिल है।
*जगदलपुर विधानसभा में सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच देखा जा रहा है* जहां भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्व महापौर किरण देव चुनावी मैदान में उतरे हुए हैं किरण देव की बात की जाए तो किरण देव की पकड़ संगठन में बेहद मजबूत मानी जाती है
वह वर्तमान में बिलासपुर संभाग के प्रभारी हैं इसके अलावा राज्य और केंद्रीय स्तर तक के नेताओं के साथ किरण देव का उठना बैठना रहा है हालांकि किरण देव की कार्यकर्ताओं के बीच कितनी पकड़ है इसको लेकर जरूर सवाल किए जा सकते हैं लेकिन संगठन में सक्रियता का फायदा कहीं ना कहीं किरण देव को मिला उन्हें चुनाव के दौरान कितना इसका फायदा मिलेगा यह देखना होगा लेकिन किरण देव को अपनों ने ही चुनौती दे दी है पूर्व विधायक संतोष बाफना ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वे जगदलपुर विधानसभा में चुनाव संबधी किसी भी प्रकार का काम नही करेंगे संतोष बाफना ने खुले तौर पर कहा था कि उनकी छवि धूमिल की गई है हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था लेकिन वे टिकट नहीं दिए जाने से बेहद नाराज है और उन्होंने अपनी सक्रियता नारायणपुर विधानसभा में बनाई है संतोष बाफना केदार कश्यप के नामांकन में शामिल हुए दूसरी तरफ नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे ने भी अब शहर से दूरी बना ली है प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में संजय पांडे कोंडागांव में सक्रिय हैं हालांकि नाराजगी को लेकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई भी बयान नहीं दिया है बताया जा रहा है कि वे कोंडागांव में संगठन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं
कांग्रेस
कग्रेस पार्टी के अंदर ऐसा माना जा रहा है कि दो मजबूत धड़ों की लड़ाई में तीसरे व्यक्ति को सीधा फायदा हो गया सीटिंग विधायक रेखचंद जैन का टिकट कटना लगभग तय था उनके स्थान पर पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज के गुट से मलकीत सिंह गैदू की दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी बताया जाता है की मलकीत सिंह गैदू का विरोध पार्टी के अंदर ही स्थानीय अन्य दावेदारों ने किया जगदलपुर विधानसभा में कांग्रेस के अंदर एकजूटता नहीं होने के चलते इसका फायदा जतिन जयसवाल को मिल गया सार्वजनिक तौर पर फिलहाल कांग्रेस प्रत्याशी जतिन जायसवाल का विरोध किसी ने नहीं किया है कांग्रेस नेता टीवी रवि ने जरूर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए नामांकन दाखिल किया है लेकिन अगर वे भी चुनाव लड़ते हैं तो ग्रामीण इलाके में महज कुछ ही वोटो का नुकसान कर पाएंगे महापौर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद जतिन जयसवाल सक्रिय राजनीति से दूर रहे संगठन की कुछ बैठकों में उनकी भागीदारी दिखती थी विवादों से दूर रहने वाले जतिन को इसका फायदा जरूर मिल गया है लेकिन अपनी निष्क्रियता और अपनी बेदाग छवि से वे कितने वोट हासिल कर पाएंगे अब यह तो यह चुनावी परिणाम बताएंगे।
