फागु यादव
आपको बता दे जिले की बफना पंचायत के बुनकर समिति की महिलाओं ने विगत दिनों पूर्व कलेक्टर नीलकंठ टेकाम एवम उनके सहयोगी महिला सरस उपाध्याय पर गंभीर आरोप लगाए थे। आपको बता दे महिलाओं ने कोंडागांव प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता आयोजित कर पत्रकारों को मामले के विषय में जानकारी देते हुए कहा था की उन पर जिला प्रशासन द्वारा 40 लाख रुपए लौटाने का नोटिस जारी किया गया है जबकि यह राशि पूर्व कलेक्टर नीलकंठ टेकाम के भरोसे उनकी ही सहयोगी सरस उपाध्याय द्वारा अहरण किया गया था। 40 लाख रुपए की राशि का बंदरबाट पूर्व कलेक्टर एवम उनकी महिला सहयोगी सरस उपाध्याय द्वारा किए गए आरोप को लेकर निष्पक्ष जांच हेतु बुनकर समिति की महिलाए 25 सितंबर को कोंडागांव शीतला माता मंदिर से राजधानी के लिए पैदल यात्रा पर चल पड़ी थी। वहीं उन महिलाओं का समर्थन जिले के शिवसेना पार्टी द्वारा किया जा रहा है। जिसे कोंडागांव मुख्यालय के भीतर ही कोतवाली पुलिस द्वारा रोक लिया गया। जिसका पुरजोर विरोध महिलाओं सहित शिवसेना पार्टी के सदस्यों ने किया है। वहीं यह भी कहा जा रहा है की इस दौरान पुलिस द्वारा आदिवासी महिलाओं का मौलिक अधिकार भी छीना जा रहा है। वक्त ही बताएगा ग्राम पंचायत बफना की बुनकर समिति की महिलाओं का यह आरोप सच साबित होता है या बेबुनियाद। अब देखना यह है की महिलाओं द्वारा मुख्यमंत्री से इस मामले पर जांच की मांग किस तरह सार्थक हो पाता है फिलहाल कोंडागांव पुलिस द्वारा उनका रास्ता रोक लिया गया है।
