कविता पाठ, आवृत्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से कवि गुरु को दी गई श्रद्धांजलि-

भरत भारद्वाज

कोंडागांव :~ 09 मई यानी 25वें बैसाख को विश्वकवि रविंद्र नाथ ठाकुर के जयंती अवसर पर फरसगांव बंग समुदाय की महिलाएं कवि गुरु रविंद्र नाथ ठाकुर के जन्मोत्सव हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।

जयंती समारोह में महिलाओं ने कवि गुरु द्वारा लिखे गए कविता पाठ, आवृत्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से कवि गुरु को श्रद्धांजलि दी गई। समारोह में उपस्थित सभी महिलाओं ने विश्व कवि के पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। इसके पहले विश्व कवि के चित्र पर सभी ने दीप प्रज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित किया।

रविन्द्र नाथ ‘गुरुदेव’ के नाम से हुए लोकप्रिय–

इस दौरान प्रधान अध्यापिका प्रभा सज्जल ने कहा कि अपने मानवतावादी दृष्टिकोण के कारण वह सही मायनों में विश्वकवि थे। वे ‘गुरुदेव’ के नाम से लोकप्रिय हुए। गुरुदेव के काव्य के मानवतावाद ने उन्हें दुनिया भर में शोहरत दिलाई, वे दुनिया के अकेले ऐसे कवि हैं, जिनकी दो कृतियां, दो देशों की राष्ट्रगान बनीं। भारत का राष्ट्रगान “जन गण मन’ और बांग्लादेश का “आमार सोनार बांग्ला’। दुनिया की तमाम भाषाओं में आज भी टैगोर की रचनाओं को पसंद किया जाता है। उन्होंने आगे बताया कि विद्यार्थियों को प्रकृति के सानिध्य में अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने इसी सोच को मूर्त रूप देने के लिए शांति निकेतन की स्थापना की। इस कार्यक्रम में बंग समाज के महिलाओं ने उनके गीत व कविताओं का प्रस्तुतिकरण किया। मौके पर अन्य वक्ताओं ने बताया कि रविंद्रनाथ टैगोर ने भारत के राष्ट्रगान की रचना की है। उन्हें गीतांजली पुस्तक के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला है साथ ही टैगोर ने साहित्य, शिक्षा, संगीत, कला, रंगमंच और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अनूठी प्रतिभा का परिचय दिया।

रविंद्र संगीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर खुब बटोरें ताली।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा गुरुदेव के लिखे कविता पाठ कर रविंद्र संगीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत देते हुए खुब ताली बटोरें। कार्यक्रम के दौरान सबसे महत्वपूर्ण आकर्षक का केंद्र स्थानीय गायिका बिथिका कर द्वारा बेहतरीन रविंद्र संगीत की प्रस्तुति साथ में रुणु प्रभा नंदी, प्रभा सज्जल, शर्मिला भट्टाचार्य, रीना दत्ता, गीता दत्ता, शर्मिला भट्टाचार्य, मीना देवनाथ, वरुणा घोष, सोमा दास, सुमन मजुमदार, सुनिता घोष, शंकरी दास, मीरा दास, जयंती दास, पूर्णिमा घोष, प्रीति वर्मन, शिल्पा पाल टिमसी घोष सहित अन्य महिलाओं ने बारी बारी से कविगुरु द्वारा लिखे कविता का पाठ व गीत प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के अंत में महिलाओं द्वारा स्वल्पाहार का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का संचालन प्रभा सज्जल द्वारा बेहतरीन तरीके से किया गया।