भरत भारद्वाज
कोंडागांव ~ कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पश्चिम बोरगांव में पहली बार बंग समुदाय द्वारा चरक पूजा महोत्सव का आयोजन किया गया, इस आयोजन को लेकर क्षेत्र के बंग समुदाय के लोगो ने एक महीने से बेसब्री से इंतजार किया , जिसके बाद खजूर भंगा और चरक पूजा बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया, इस आयोजन के देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई । बंग समुदाय के लोगो ने बताया कि उनके समाज के एक अनोखी परंपरा के अनुसार भगवान शिव को प्रसन्न करने इस महोत्सव का आयोजन किया जाता हैं। जिसमे बंग समुदाय के शिवभक्तो के द्वारा एक माह तक अपने घरों से दूर रहकर सन्यासी जीवन व्यतीत कर व्रत रखकर गांव में घूम घूम कर भिक्षा मांगते हैं और और 24 घंटे में मात्र एक बार रात को ही भोजन करते हैं , एक महीना पूरा होने कर सभी सन्यासी खजूर के पेड़ में विशेष पूजा करने के बाद कांटो भरे पेड़ में चढकर नृत्य करते हैं शिव भक्तों द्वारा खजूर के पेड़ से खजूर को फेक कर श्रद्धालुओ को प्रसाद के रूप में देते है, और अगले दिन चरक पूजा का आयोजन किया जाता हैं । चरक पूजा में आयोजन आज 14 अप्रैल को किया गया ,इस आयोजन में शिवभक्तो के पीठ में लोहे से बनी हुक को पीठ पर फसा कर उसे झूला में घुमाया जाता हैं, वैसे तो यह आयोजन ओडिसा राज्य में अधिकतर होता हैं लेकिन इस वर्ष पहली बार कोंडगाव जिले के फरसगांव ब्लॉक के पश्चिम बोरगांव में यह आयोजन किया गया जिसे देखने आज पास गांव के लोग बड़ी संख्या में एकजुट गये । बंग समुदाय के लोगो का कहना हैं की भगवान शिव को प्रसन्न करने ऐसा किया जाता हैं। इस वर्ष पहली बार खजूर भंगा और चरक पूजा महोत्सव का आयोजन किया गया जो अब हर वर्ष यह आयोजन किया जाएगा ।
