रिपुदमन सिंह बैस ✍️
पखांजूर/, पूरे प्रदेश में पंचायत सचिव भीषण कष्टों का सामना कर रहे हैं। आज उनके द्वारा वर्षों से अपनी मांगों को लेकर धरना, प्रदर्शन, आंदोलन किया जा रहा है। विगत 15 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में भी सचिवों द्वारा अपनी मांगों को लेकर धरना, प्रदर्शन, आंदोलन किया गया। मांग किया गया। किंतु भाजपा सरकार ने भी इनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। विगत विधानसभा चुनाव के पूर्व वर्तमान में बैठी हुई सरकार के नेताओं द्वारा पंचायत सचिवों से वादा किया गया था कि अगर हम सरकार में आ गए तो 10 दिन के अंदर आपकी सारी मांगे पूरी हो जाएगी। वह सरकार में बैठे, उनको सरकार चलाते हुए 4 वर्ष हो गए किंतु पंचायत सचिवों की जो मांगे हैं। वही की वही है। पंचायत सचिव का आज भी शासकीय करण नहीं किया गया हैं ।

पंचायत सचिव अगर सेवानिवृत्त होते हैं ।तो आगे उन्हें किसी के घर में मजदूरी करनी पड़ेगी या फिर ठेला चलाना पड़ेगा या चौकीदारी करनी पड़ेगी। जो वर्षों तक पंचायतों की सेवा किए। शासन की सभी महत्वपूर्ण कामों को किए। आज उनका भविष्य अंधकार में है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि अपने वादा अनुसार तत्काल प्रदेश के समस्त पंचायत सचिवों का शासकीय करण करते हुए उनके भविष्य निधि, उनके पेंशन का निवारण तत्काल करें ।उपरोक्त बातें शिवसेना प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा द्वारा पखांजूर में कोयलीबेड़ा ब्लॉक के पंचायत सचिवों के आंदोलन में पहुंचकर पंचायत सचिवों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा गया। उन्होंने कहा कि आज दूसरों का भविष्य बनाने वाले पंचायत सचिव अपने भविष्य के लिए मारे मारे फिर रहे हैं ।देखने में यह आया कि कई पंचायत सचिव जो रिटायर होने के बाद दूसरे के घर में चौकीदारी कर रहे हैं। मजदूरी कार्य कर रहे हैं ।

यह बहुत ही भारी विडंबना है ।प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह तत्काल अपने वायदा अनुसार प्रदेश के समस्त पंचायत सचिवों का शासकीय करण करते हुए उन्हें अन्य विभागों की तरह पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य समस्त सुविधाएं दिलाएं और उनके उज्जवल भविष्य का निर्धारण करें । शिवसेना पूरे प्रदेश में पंचायत सचिवों द्वारा अपनी मांगों को लेकर किए जा रहे आंदोलन का समर्थन किया जा रहा है। शिवसेना द्वारा पूरे प्रदेश से पंचायत सचिवों की मांगों को पूरा करने हेतु मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ को पत्र लिखा जा रहा है।
