योगेन्द्र सिंह बैस ✍️
कांकेर/ कर्ज के बोझ से लदे सिमरन सिकदार ने जीवन बीमा की रकम 72 लाख पाने एक ऐसी झूठी कहानी रची कि उसने अपनी कार में पोल्ट्री फार्म के संचालक सिमरन शिकदार स्वयं,अपनी पत्नी,दो बच्चो की जलकर मौत माना जायेगा और बीमा की रकम हमारे परिजन को मिल जायेगा और अन्य जगह हम बस जायेंगे ऐसी सोच ने इनकी मानसिकता बदल दी और अपनी खालीकार में आग लगा दी ,पर पुलिस और फोरेंसिक जांच में उक्त कार में किसी प्रकार के मानव अवशेष नही पाए जाने की खबर जब मीडिया में चली तो उसने अपने रचे झूठी कहानी में फसता देख कई शहरों में भटकने के बाद अपने गृह क्षेत्र पहुंचकर जैसे ही अपने पोल्ट्री में काम करने वाले की मोबाइल फोन से अपने पिता को कॉल कर सूचना दी फिर क्या था पुलिस साइबर सेल तो पहले से ही संबंधित फोन नंबरों को सर्विलांस में ले चुकी थी इनपुट मिलते ही पुलिस ने छापामार कर उक्त व्यावसायी दंपति और उनके दोनो बच्चो को कांकेर लेकर पहुंची ।
1मार्च की रात को एक कार जलती पाई गई ग्रामीणों की सूचना मिलते ही चारामा पुलिस मौका मुयायना में पाया की उक्त कार में कोई सवार नही था फिर भी पुलिस उच्चाधिकारियों ने फोरेंसिक जांच करवाई। कार की तफशीस में सामने आया की यह कार पखांजूर के सिमरन शिकदार की है उनके परिजनों ने बताया कि
कार में समीर सिकदार (29 वर्ष), उनकी पत्नी जया (26 वर्ष) और दो बच्चे दीप (7 वर्ष) व कृतिका (4 वर्ष) सवार थे जो अपनी बच्ची के इलाज के लिए रायपुर गए थे। पुलिस के लिए अबूझ पहेली थी कि जली कार में जब कोई सवार नही था तो उक्त परिवार गया कहाँ, पुलिस की टीम रायपुर, धमतरी ,पखांजूर सहित कई इलाकों में उक्त परिवार को ढूंढती रही तभी धमतरी में पुलिस के हाथ पहला सुराग हाथ लगी की उक्त परिवार जिंदा है और धमतरी के आशियाना लॉज में घटना की रात उक्त परिवार यही रुका था , जो 2मार्च की सुबह से चेकआउट किया था। पुलिस इनकी तलाश सरगर्मी से कर रही थी कि रायपुर के लोधीपारा स्थित अजय फोटो स्टूडियो में स्टील फोटो डोवलोपिंग कराने यह परिवार पहुंची थी,तब से पुलिस सारे कवायद करती रही । घटना के 13 दिन बाद( सोमवार ) पुलिस को इस रहस्यमयी मामले को सुलझाने में सफलता मिली ।
थाना धारामा के ग्राम चावड़ी में मिली जलती हुई कार की गुत्थी सुलझी कांकेर पुलिस को मिली बड़ी सफलता • •
# कार सवार गुमशुदा हुआ परिवार सकुशल बरामद •
• # समीरन ने बीमा की राशि प्राप्त करने पति ने स्वयं रचि थी साजिश • •
# स्वयं को कार में परिवार सहित जलकर मरना साबित कर बीमा की 72 लाख रुपया राशि प्राप्त करने की साजिश हुई विफल • •
# समीरन ने परिवार को धमतरी आशियाना लॉज में छोड़कर कार लेकर योजनाबद्ध तरीके से ग्राम चावड़ी पहुंचकर कार को आग लगाया था . •
# पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीद कर पूर्व निर्धारित सुनसान स्थान ग्राम चावड़ी में पेट्रोल छिड़ककर कार को आग लगाया था सिमरन सीकदार ने •
# कार में आगजनी कर जंगल के रास्ते से चारामा रात में ही पैदल पहुंचा सिमरन सीकदार • •
# चारामा से बस में सवार होकर धमतरी पहुंचा था समीरन सिकदार • ●
# आशियाना लॉज से परिवार को लेकर बस से रायपुर पहुंचा रायपुर से इलाहाबाद , इलाहाबाद से पटना पटना से गुवाहाटी गुवाहाटी से रांची और संबलपुर घूमता रहा •
# नया मोबाइल एवं दूसरे के नाम का सिम बिहार पटना से खरीद कर दैनिक ऐप मोबाइल पर डाउनलोड कर कांकेर की खबरों से अपडेट होता रहा था परिवार • •
# धमतरी लॉज एवं रायपुर फोटो स्टूडियो में देखे जाने की बात न्यूज़ ऐप पर देखकर बीमा की राशि हड़प करने की योजना विफल हो जाना जान गया था सिमरन सीकदार • •
# जिला कांकेर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा पता तलाश अभियान का स्वयं नेतृत्व किया था अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश ठाकुर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मोहसिन खान के पर्यवेक्षण में 05 पुलिस टीमें घटना दिवस से लगातार तलाशी अभियान में लगी रही तब हुआ खुलासा • •
# सजा के भय से गांव वापस आया और फार्म हाउस के वर्कर के पुलिस से संपर्क किया सिमरन सीकदार ने • # प्रकरण में जांच के दौरान कांकेर पुलिस द्वारा पखांजूर से रायपुर तक सेल आईडी के टावर डंप में 900000 से अधिक मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया । ●
# पतासाजी में पुलिस द्वारा 9 लाख से अधिक मोबाइल नंबरों का विश्लेषण कर 45000 मोबाइल नंबरों को शॉर्टलिस्ट कर तस्दीक किया जा रहा था . • पुलिस द्वारा जांच के दौरान पखांजूर से रायपुर के मध्य लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले गए 300 से अधिक होटलों लाज रैन बसेरा धर्मशाला की चेकिंग की गई •
# रेलवे स्टेशन बस स्टैंड , ऑटो स्टैंड , एयरपोर्ट की जांच की गई • # जांच के परिजनों सहित गुमशुदा के व्यवसाय से जुड़े 100 अधिक व्यक्तियों से पूछताछ की गई ●
# जिला कांकेर पुलिस की सक्रियता अपने को घिरता हुआ देखकर , सजा के भय अपने घर वापस लौट आया समीरन सीकदार और पुलिस से संपर्क कर आत्मसमर्पण कर दिया । • यूपी , महाराष्ट्र , उड़ीसा के टोल नाका का बारीकी से किया गया विश्लेषण •
# समिरन सीकदार के कब्जे से ₹ 504000 नकदी व मोबाइल फोन , टेबलेट , यात्रा टिकट , होटल बिल भी बरामद • लापतासाजी में कांकर पुलिस ने सीमावर्ती जिला धमतरी , बालोद , रायपुर , जिला की पुलिस की भी सहायता लिया • पुलिस अधीक्षक कांकेर शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश ठाकुर एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मोहसिन खान के पर्यवेक्षण में जिला कांकेर पुलिस द्वारा थाना धारामा के ग्राम चावड़ी में मिले जलती हुई कार की गुत्थी को सुलझा लिया गया है चारों गुमशुदा व्यक्तियों को सकुशल बरामद कर लिया गया है पुलिस में बीमा की राशि गई साजिश का भी पर्दाफाश कर लिया है मामले का विवरण इस प्रकार है कि थाना धारामा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चावड़ी में दिनांक 01.03.2023 की रात्रि में चारामा कोरर मार्ग पर एक जलती हुई कार होने की सूचना मिली थी , उक्त सूचना पर थाना धारामा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची परंतु तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी , जिस संबंध में पतासाजी के दौरान दिनांक 02/03/23 की प्रातः उक्त जली हुई कार पर्खाजूर पिव्हि 42 निवासी विपुल सिकदार के स्वामित्व का होना ज्ञात हुआ था , मौके पर कार स्वामी के पुत्र हर्षित सिकदार ने जली हुई कार की पहचान कर पुलिस को जानकारी दिया था कि उक्त कार मारुति में पर्खाजूर pv 42 निवासी समीरन सिक्दार पिता विपुल सिकदार उम्र 29 वर्ष उसकी पत्नी जया सिकदार उम्र 25 वर्ष , अपने बेटे दीप सिक्दार उम्र 9 वर्ष एवं पुत्री कृतिका सिदार उम्र 4 वर्ष के साथ रायपुर इलाज हेतु दिनांक 01/03/23 को गए हुए थे जोकि अपने परिवार से मोबाइल फोन पर लगातार संपर्क में थे रायपुर से वापसी के दौरान धमतरी पहुंचकर उन्होंने अपने पिता एवं परिवार के लोगों को धमतरी में होटल में रात्रि भोजन कर पर्खाजूर हेतु कार से निकलने की बात भी बताई थी ग्राम चावड़ी में वही कार जली हुई अवस्था में मिली थी , परंतु कार सवार चारों व्यक्तियों का कोई पता नहीं था , पुलिस द्वारा उक्त जली हुई कार की जांच मौके पर फॉरेंसिक टीम से कराई गई कार की जांच में कोई मानव अवशेष होना नहीं पाया गया था , परंतु कार में 2 नग जले हुए मोबाइल मिले थे इससे यह आशंका थी कि कार सवार व्यक्तियों का अपहरण अथवा हत्या भी हो सकता है परिजन बार – बार इस बात की आशंका भी व्यक्त कर रहे थे , थाना धारामा चारो लापता व्यक्तियों के संबंध में परिजनों की रिपोर्ट पर धारी व्यक्तियों की गुमशुदगी की रिपोर्ट गुम इंसान क्रमांक 11,12,13,14 दर्ज कर पता तलाश किया जा रहा था , पुलिस अधीक्षक कांकेर शलभ कुमार सिन्हा ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गुमशुदा व्यक्तियों की पतासाजी हेतु 5 पुलिस टीम गठित किया था पतासाजी हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे , होटलो की चेकिंग के दौरान पुलिस को जानकारी 00 प्राप्त हुई कि धमतरी स्थित आशियाना लाज में उक्त लापता परिवार दिनांक 01.03.2023 की रात्रि में रुका हुआ था , तथा पुलिस को गुमशुदा व्यक्तियों के मोबाइल नंबरों के कॉल रिकॉर्ड की तस्दीक करने पर ज्ञात हुआ की गुमशुदा हुए समिरन शिक्दार ने रायपुर स्थित अजय फोटो स्टूडियो में अपने 93 फोटो प्रिंट कराने हेतु दिए थे , जिसे दिनांक 02.03.2023 को समीरन
सिकदार फोटो को ले जा चुका था ,
जानकारी होने पर पुलिस आश्वस्त थी कि चारों व्यक्ति का अपहरण नहीं हुआ है और वे स्वयं से ही छिप रहे हैं उक्त संबंध में पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस की विभिन्न टीमें लगातार पतासाजी कर रही थी जांच के दौरान पुलिस टीमों द्वारा पखांजूर से रायपुर तक सेल आईडी के टावर डंप में 900000 से अधिक मोबाइल नंबरों का विश्लेषण कर 45000 मोबाइल नंबरों को शॉर्टलिस्ट कर तस्दीक किया जा रहा था तथा पखांजूर से रायपुर के मध्य लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले गए 300 से अधिक होटलों की चेकिंग की गई , रेलवे स्टेशन बस स्टैंड , ऑटो स्टैंड , एयरपोर्ट की जांच की गई , पुलिस परिजनो एवं समीरन सीकदार के व्यवसाय से जुड़े लोगों से भी लगातार पूछताछ कर रही थी तभी दिनांक 13/03/23 की रात्रि में गुमशुदा हुए समीरन सिकदार ने अपने फार्म हाउस के वर्करों के माध्यम से मोबाइल पर पुलिस से संपर्क कर अपने को परिवार सहित पीवी 42 में पहुंचने की बात बताई तब पुलिस द्वारा तत्काल अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किया गया पूछताछ में समीरन सिकदार एवं उसकी पत्नी जया सिकदर ने पूछताछ में बताया कि कुछ दिनों से व्यापार में नुकसान होने से वह परेशान थे इसी दौरान उन्होंने पूरे परिवार का इंश्योरेंस भी कराया था बीमा पॉलिसी के अनुसार मृत्यु होने पर 72 लाख रुपया के भुगतान का प्रावधान था इसी लालच में पति ने योजना बनाई थी कि कार को जला देंगे और पत्नी जया को गुमराह कर गायब हो जाएंगे जिससे लोग उसे कार में जलकर मृत होना समझ जाएंगे और बीमा कंपनी 72 लाख रुपया भुगतान कर देगी जिससे व्यापार में नुकसान की भरपाई भी हो जाएगी और पखांजूर से दूर किसी दूसरे स्थान पर नए तरीके से अपना जीवन यापन करेंगा योजना के अनुसार समिरन सिकदार ने पत्नी जया सिकदार अपने दोनों बच्चों के साथ रायपुर आने के दौरान धमतरी आशियाना लॉज में रुका वहां से रात्रि भोजन कर समीरन सिकदार में अपनी पत्नी जया एवं बच्चों को लाज में छोड़कर कार को लेकर धारामा पहुंचा चारामा में पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदा और धारामा कोरर मार्ग पर ग्राम चावड़ी पहुंचकर योजनाबद्ध तरीके से पूर्व से निर्धारित स्थल पर कार को पेड़ से टकरा कर खड़ा कर दिया और पेट्रोल छिड़ककर माचिस से आग लगा दिया और पैदल खेत जंगल के रास्ते धारामा पहुंचा चरमा से बस में सवार होकर धमतरी पहुंचा और अपने फोटो लिया और बस में सवार होकर परिवार को होटल आशियाना लॉज से लेकर रायपुर चला गया रायपुर में अजय फोटो स्टूडियो इलाहाबाद चला गया इलाहाबाद में 1 दिन स्का और दूसरे दिन ट्रेन में सवार होकर पटना गया पटना में मोबाइल तथा दूसरे के नाम का चालू मोबाइल नंबर खरीदा और अपने मोबाइल पर मोबाइल ऐप डाउनलोड कर खबरों को देखा तो उसे ज्ञात हुआ कि उसकी स्वयं को परिवार सहित जलकर मर जाने और मृत्यु उपरांत बीमा की रकम ले लेने की योजना विफल हो गई है वह धमतरी के लॉज तथा फोटो स्टूडियो में लोकेट हो गया है जिससे पुलिस को चारों गुमशुदा का जानबूझकर लापता होने का षड़यंत्र करना जात हो गया है तब वह पुलिस से बचने के लिए पटना से , गुवाहाटी चला गया होटल में रुका रहा वह न्यूज एप लगातार कांकेर की खबरें देख रहा था उसे अंदेशा हो गया था कि वह बहुत जल्दी पुलिस के गिरफ्त में आ जाएगा सजा के भय से वह गुवाहाटी से संबलपुर आ गया संबलपुर से प्राइवेट टैक्सी में पखांजूर पिव्हि 42 पहुंचा और अपने फार्म हाउस के वर्करों के माध्यम से पुलिस फोन पर संपर्क किया ।
पुलिस ने चारों गुमशुदा को पीवी 42 से बरामद किया गया गया है । सिमरन सीकदार के कब्जे से 504000 नगदी रकम मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है । सम्पूर्ण जांच पर समीरन सिकदार के द्वारा धारा 435,427,120,420,511 भादवि के अंतर्गत अपराध घटित करना पाए जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया सिमरन सीकदर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेजा जा रहा है । पुलिस प्रत्येक पहलू पर जांच कर रही है गुमशुदा समीरन सीकदार से प्राप्त जानकारी के आधार पर रुके हुए स्थान एवं होटली से संपर्क स्थापित कर तस्दीक किया जा रहा है । इस प्रकार की सहायता करने वाले लोगों की संलिप्तता प्रमाणित पाए जाने पर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी ।
