यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

कांकेर। प्रदेश में इस वर्ष पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्रतिवर्ष 1 मई से 15 जून तक घोषित होने वाले ग्रीष्मकालीन अवकाश को इस बार पहले ही 20 अप्रैल से लागू कर दिया था। लेकिन शासन के इस संवेदनशील निर्णय के विपरीत जिला शिक्षा अधिकारी, उत्तर बस्तर कांकेर द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में “मिनी समर कैंप” आयोजित करने का आदेश जारी कर दिया गया है । जारी आदेश के अनुसार विद्यार्थियों के लिए सुबह 7 बजे से 10:30 बजे तक कक्षाएं, बोर्ड परीक्षा तैयारी, करियर काउंसलिंग, ब्रिज कोर्स, टेस्ट एवं अन्य गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षकों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि जब हर वर्ष सामान्य रूप से 1 मई से 15 जून तक अवकाश रहता ही है, तब इस बार शासन ने विशेष रूप से बढ़ती गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए पहले से अवकाश घोषित किया था। ऐसे में उसी अवधि में स्कूल आधारित गतिविधियां संचालित करने का आदेश शासन की मंशा और निर्देशों के विपरीत दिखाई देता है।
शिक्षक वर्ग में यह सवाल उठ रहा है कि यदि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अवकाश को पहले लागू किया गया, तो फिर अवकाश अवधि में विद्यार्थियों और शिक्षकों को पुनः स्कूल बुलाने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है? कई शिक्षकों ने इसे अनावश्यक दबाव और प्रताड़ना की मानसिकता से जोड़कर भी देखा है।
शासन के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी एवं लू के कारण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका को ध्यान में रखते हुए अवकाश अवधि बढ़ाई गई है।
इसके बावजूद जिला स्तर पर जारी आदेश अब चर्चा और विवाद का विषय बनता जा रहा है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि जिला स्तर के आदेश शासन के मूल आदेश की भावना को कमजोर नहीं कर सकते। अब देखना यह होगा कि इस मामले में शासन या उच्च अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्टीकरण या संशोधन जारी होता है या नहीं।
छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा22/9/2025 स्पष्ट आदेश जारी किया गया है कि 1 में से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश शालाओं का रहेगा जिसका पालन पूरे प्रदेश के शाला में किया जा रहा है किंतु कांकेर जिला के जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तुगलकी फरमान जारी करते हुए राज्य सरकार के आदेश को धता बताते हुए कांकेर जिले को 10वीं 12वीं परीक्षा में टॉप 10 में लाने वाले शिक्षकों को भीषण ग्रीष्म अवकाश में काम करने का उपहार दिया जा रहा है जिसका छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन कड़ा विरोध करता है यदि डोर टू डोर सर्वे एवं मिनी समर कैंप लगाने के आदेश को निरस्त नहीं किया जाता है तो टीचर्स एसोसिएशन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा
वाजिद खान प्रदेश संयोजक, हेमेंद्र साहसी प्रदेश महासचिव स्वदेश शुक्ला जिलाध्यक्ष
