दीपक विश्वकर्मा
उमरिया == पाली शहर में नेशनल हाईवे से लेकर गलियों-मोहल्लों तक मवेशी खुलेआम घूम रहे हैं। मवेशी पालक इन जानवरों को घर में बांधने या जंगलों में चराने के बजाय शहर की सड़कों पर छोड़ देते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं नगर वासियों का कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़कों पर भटकते मवेशी हादसों का प्रमुख कारण बन गए हैं। नेशनल हाईवे पर तो स्थिति और भी गंभीर है, जहां ट्रक और अन्य भारी वाहन इनसे टकरा जाते हैं जानकारी के अनुसार रोजाना 4 से 5 ऐसी घटनाएं होती हैं जो मवेशी सड़क पार करते ही वाहन चालक ब्रेक नहीं लगा पाते और दुर्घटनाएं हो जाती है
इन मवेशी पालकों पर सख्ती की जरूरत है। लेकिन सवाल उठता है- दुर्घटना की जिम्मेदारी आखिर किसकी वाहन चालक की लापरवाही या मवेशी पालकों की उदासीनता विशेषज्ञों का मानना है कि मवेशियों को शहर में नहीं मवेशियों की जगह जंगलों में चराने की है जहां उन्हें हरे भरे घास एवं चार- खाना की व्यवस्था होती है लेकिन यहां मवेशी पलक जंगलों में मवेशियों को चराने के लिए नहीं ले जाते और उन्हें इन शहर की गलियों में छोड़ देते हैं लेकिन पालकों को मवेशियों को नियंत्रित करने का दायित्व निभाना चाहिए ताकि इन मवेशियों की वजह से वाहन चालकों को दुर्घटना का शिकार न बनना पड़े
नगर पालिका पाली ने अभियान चलाने की योजना बनाई है, ताकि सड़कों में दुर्घटनाएं काम हो एवं मवेशी सुरक्षित रहें।
