चंद्रहास वैष्णव 
जगदलपुर शहर में सड़कों के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण का कार्य इन दिनों नगर निगम के माध्यम से कराया जा रहा है, लेकिन कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में चल रहे निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी और लापरवाही के आरोप सामने आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, लंबे समय से पीडब्ल्यूडी और नगर निगम से जुड़े ठेकेदार तने चौधरी को इस बार अपेक्षाकृत कम कार्य मिला है, बावजूद इसके उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। कमिश्नर कार्यालय से बोधघाट थाना तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू हुआ है, लेकिन प्रारंभिक चरण से ही इसमें अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में खुदाई (एक्सकेवेशन) पर्याप्त गहराई तक नहीं की जा रही है, ड्रेसिंग सही ढंग से नहीं हो रही, तथा निर्माण में सूखे और निम्न गुणवत्ता वाले मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है। इससे पहले भी शहर में सड़कों की पैचिंग के दौरान भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के मामले सामने आ चुके हैं।
इन परिस्थितियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि इस पूरे मामले में निगम के कुछ इंजीनियरों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत हो सकती है, जिसके चलते निर्माण कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
गौरतलब है कि शहर में सड़क निर्माण के लिए करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। ऐसे में यदि कार्य इसी प्रकार लापरवाही और भ्रष्टाचार के साथ किया जाता रहा, तो सड़कों का जल्द ही क्षतिग्रस्त होना तय है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शहर को टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण सड़कें मिल सकें।
