यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर 
पखांजूर – खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कोयलीबेड़ा द्वारा विकासखण्ड के सेवानिवृत्त एवं मृत शिक्षकों के पेंशन अदायगी आदेश वितरण हेतु सम्मान समारोह कोयलीबेड़ा खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पखांजूर में आयोजित किया गया।इस दौरान इन्हें शाल एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। समारोह हो को संबोधित करते हुए नगर पंचायत उपाध्यक्ष श्री शंकर सरकार जी ने कहा कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के इतिहास में यह पहली बार है कि जब खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की विशेष सक्रियता से 14 शिक्षकों एवं दिवंगत शिक्षकों के परिवार के मुखिया का पेंशन अदायगी आदेश एक साथ प्रदाय किया जा रहा है। पीपीओ एवं पेंशन जारी करने हेतु खंड शिक्षा अधिकारी एवं सभी शाखा लिपिको को धन्यवाद ज्ञापित किया साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षकों के इस जीवन भर की सेवा की लिए समाज उनका हमेशा ही ऋणी रहेगा।
समारोह में संबोधित करते हुए बीईओ कोयलीबेड़ा देवकुमार शील ने बताया कि विकासखण्ड के सेवानिवृत्त शिक्षक विनोद पाठक, दीपक चंद्र मंडल, गणेश चंद्र मंडल, श्रीमती गीता रानी सरकार, हेमंत कुमार वैध एवं सेवा काल के दौरान दिवंगत शिक्षकों स्वर्गीय सुबल कुमार विश्वास, रविंद्र नाथ हवलादार, अनुप कुमार देहारि, ओम प्रकाश महला, नरेंद्र मंडावी, शिवकुमार नाग, रवि कुमार, जूथिका दास, मुहरा राम कचलाम परिजनों को पेंशन अदायगी आदेश जारी किया गया। उपस्थित समस्त शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने एक स्वर में पीपीओ एवं पेंशन जारी करने हेतु खंड शिक्षा अधिकारी एवं शाखा लिपिक कौशल नेताम को धन्यवाद ज्ञापित किया।सभा को खंड स्रोत समन्वयक कोयलीबेड़ा श्री विप्लव बनर्जी, मंडल सयोजक कोयलीबेड़ा श्री शॉप सिंह नेताम, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी श्री अभिजीत सरकार, वरिष्ठ व्याख्याता कृष्णेन्दू आईच ने संबोधित किया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त हुए शिक्षक श्री विनोद पाठक, दीपक चंद्र मंडल, एवं हेमंत बैध भी अपने पूरे शिक्षकिय जीवन के अनुभव को साझा किए एवं विभाग के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किए।
इस दौरान विकासखंड कोयलीबेड़ा के खंड शिक्षा अधिकारी देव कुमार शील, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी अमिताभ सरकार, मंडल संयोजक शोप सिंग नेताम एवं शिक्षा विभाग के कृष्णेन्दु आईच अरुण रावटे, गोपाल सरकार, गोविंदा बघेल, कौशल नेताम( पेंशन शाखा लिपिक) सहित सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शेवाकाल के दौरान असामयिक निधन हुए शिक्षकों के परिजन शहीद अनेको शिक्षक साथी उपस्थिति थे।
