पाठ्यक्रम तब्दीली से पैदा मुद्दों को लेकर सौंपा ज्ञापन

 दीपक विश्वकर्मा

कटनी=== आयुध निर्माणी विद्यालय को 2026-27 से सीबीएसई पाठ्यक्रमानुरूप संचालित करने के निर्णय को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति के द्वारा एक ज्ञापन सौंपते हुए,उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की अपेक्षा की गई है गौरतलब है कि आयुध निर्माणी कटनी के पूर्वी परिक्षेत्र में वर्षों से संचालित उच्चतर माध्यमिक शाला को चालू सत्र तक माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल से सम्बद्धता थी तथा मूलतः यह विद्यालय हिंदी माध्यम से संचालित होता आ रहा है। और तो और इस विद्यालय से अब तक हजारों-हजार विद्यार्थियों ने शिक्षा प्राप्त की है।

इसी आयुध निर्माणी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को सत्र 2026-27 से सी. बी. एस. ई. पाठ्यक्रम द्वारा संचालित किए जाने का एकतरफा निर्णय लिया जा चुका है। अपने इसी एकपक्षीय थोपे गए निर्णय को पूरी तरह से अमलीजामा पहनाने की श्रृंख्ला में आयुध निदेशालय,कोलकाता(समन्वय एवं सेवाएँ) के निर्देशानुसार फील्ड यूनिट जबलपुर के उच्च अधिकारियों द्वारा विद्यालय में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के माता-पिता/अभिभावकों के साथ गत दिवस एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की सूचना मिलते ही “संयुक्त संघर्ष समिति”, आ. नि. कटनी महासचिव संजय तिवारी ने इस विषय में अनेक अभिभावकों से मुलाकात करके उनका अभिमत लेने के बाद,संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक बुलाई। इस बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने म. प्र. बोर्ड के सीबीएसई पाठ्यक्रम संचालन में परिवर्तन के गुण-दोष,हानि-लाभ, पक्ष- विपक्ष का बेहतर मूल्यांकन करने के उपरांत “आयुध निदेशालय कोलकाता” को एक ज्ञापन प्रेषित किया है।

सौंपें गये ज्ञापन में उन्होंने जहाँ एक ओर इस परिवर्तन के पक्ष में लाभ बताए वहीं इस परिवर्तन के विपक्ष को अधिक प्रभावशाली बताया है।

संघर्ष समिति द्वारा ज्ञापन में सबसे अहम बोर्ड परिवर्तन के कारण फीस में वृद्धि को रेखांकित किया गया है क्योंकि अब तक इस विद्यालय में शिक्षा लगभग निःशुल्क थी। फीस वृद्धि से निम्न वर्ग के अभिभावकों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा तथा इस वर्ग के बच्चों की शिक्षा से वंचित रह जाने की संभावना बढ़ेगी। इसके अलावा
अंग्रेजी माध्यम में अचानक परिवर्तन होने से अध्ययनरत बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि,यह परिवर्तन क्षेत्रीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं हिंदी भाषा के प्रचार को कम करता है तथा बोर्ड परिवर्तन से दाखिला प्रक्रिया भी ऑनलाइन हो सकती है। इसके कारण आसपास के बच्चों को विद्यालय में दाखिला लेना बेहद कठिन हो जाएगा। संघर्ष समिति के संजय तिवारी, शिवजी प्रताप सिंह,विष्णुकांत तिवारी, मनीष तिवारी, फ़िरोज़ अहमद, सत्यनारायण लोहार आदि ने अपेक्षा की है कि, संबंधित सक्षम प्राधिकारियों द्वारा,ज्ञापन में उठाए गये विविध पहलुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए पाठ्यक्रम को अमल में लाने के पूर्व अवश्य ही विचार किया जाएगा।

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