पहली बार 108 माओवादियों का सामूहिक आत्मसमर्पण, 3.29 करोड़ के इनामी कैडर लौटे मुख्यधारा में,3.61 करोड़ कैश और 1.64 करोड़ का सोना भी हुए बरामद “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत ऐतिहासिक कदम, 44 महिला कैडर भी शामिल

चंद्रहास वैष्णव

बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित शौर्य भवन, पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर लालबाग में बुधवार को “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत एक बड़ा आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े कुल 108 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 44 महिला माओवादी भी शामिल हैं। इन सभी पर कुल 3.29 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल ऑप्स) विवेकानंद, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बीएसएफ सिवांग नामग्याल, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., आईजी सीआरपीएफ शालीन, आईजी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल बी.एस. ध्रुव सहित बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के पुलिस अधीक्षक, केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और समाज के वरिष्ठजन उपस्थित रहे।

–101 घातक हथियार बरामद, माओवादी संगठन को बड़ा झटका

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों से मिली खुफिया सूचनाओं के आधार पर सुरक्षा बलों ने विभिन्न जिलों में कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की। बरामद हथियारों में 7 AK-47, 10 INSAS राइफल, 5 SLR, 4 LMG, 20 .303 राइफल, 25 बारह बोर राइफल, 11 BGL लांचर, 51 मिमी मोर्टार सहित कुल 101 हथियार शामिल हैं।
जिला-वार बरामदगी में नारायणपुर से 49, बस्तर से 24, सुकमा से 12, बीजापुर से 9, दंतेवाड़ा से 5 और कांकेर से 2 हथियार बरामद किए गए। इन हथियारों और अन्य नक्सली सामग्री को कार्यक्रम के दौरान रेंज मुख्यालय में प्रदर्शित भी किया गया।
3.61 करोड़ नकद और 1 किलो सोना भी मिला
सुरक्षा बलों की कार्रवाई में माओवादियों के डम्प से देश के नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास में एक ही स्थान से सबसे अधिक 3.61 करोड़ रुपये नकद और लगभग 1.64 करोड़ रुपये मूल्य का 1 किलोग्राम सोना भी बरामद किया गया है।

–वरिष्ठ माओवादी पदाधिकारी भी शामिल

आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी संगठन के कई महत्वपूर्ण पदाधिकारी शामिल हैं, जिनमें पश्चिम बस्तर डिवीजन के DVCM राहुल तेलाम, पंडरु कोवासी, झितरु ओयाम, पूर्व बस्तर डिवीजन के DVCM रामधर उर्फ बीरु, उत्तर बस्तर डिवीजन के DVCM मल्लेश, PLGA बटालियन नंबर 1 के CYPC कमांडर मुचाकी तथा आंध्र-ओडिशा बॉर्डर के DVCM कोसा मंडावी जैसे कैडर शामिल हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में 5 डिवीजनल कमेटी सदस्य (DVCM), 2 जोनल स्तर के PLGA कंपनी पदाधिकारी, 15 प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य, 21 एरिया कमेटी सदस्य और 63 पार्टी सदस्य शामिल हैं।

–पुनर्वास नीति के तहत मिलेगा सहयोग

राज्य सरकार की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत इन सभी कैडरों को आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा उनके सुरक्षित और सम्मानजनक पुनर्वास के लिए लगातार मार्गदर्शन और सहयोग दिया जाएगा।
26 महीनों में 2714 माओवादी लौटे मुख्यधारा में
“पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। पिछले 26 महीनों में छत्तीसगढ़ में कुल 2714 माओवादी कैडर हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। वहीं बस्तर संभाग में 1 जनवरी 2024 से 9 मार्च 2026 तक कुल 2625 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

–बचे हुए माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने शेष माओवादी कैडरों से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर हथियार त्यागें और समाज की मुख्यधारा में लौट आएं। शासन उनके सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस सामूहिक आत्मसमर्पण को बस्तर में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

Express MPCG

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