चंद्रहास वैष्णव

जगदलपुर
आदिवासी नेताओं के खिलाफ सरकार द्वारा EOW और ACB के जरिए छापेमार कार्यवाही कर परेशान करने को लेकर कोया कुटमा समाज ने ली प्रेस वार्ता,विगत दिनों पूर्व विधायक,कोंटा के घर ACB व EOW के द्वारा अकारण छापेमारी से आक्रोशित कोया कुटमा समाज ने आदिवासी नेताओं के विरुद्ध भेदभाव पूर्ण कार्यवाही न करने की अपील सरकार से की।
दरहसल प्रदेशभर में ईओडब्लू,आयकर विभाग और एंटी करप्शन की दबिश का सिलसिला लगातार चल रहा है जिसमें अलग अलग राजनैतिक पार्टियों,कारोबारियों और पुराने कई घोटालों के मामलों संलिप्त संदिग्धों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की कार्यवाही बढ़ रही है।इसी क्रम में कोंटा के पूर्व विधायक मनीष कुंजम के घर भी टीम ने तड़के सुबह छापा मारा।जिसके बाद मनीष कुंजम के समाज से जुड़े व समर्थकों द्वारा सरकार के विरुद्ध काफी रोष देखने को मिला जिसमें कुंजम के समर्थकों ने मंगलवार को सुकमा बंद का आह्वाहन किया था।
चूंकि मनीष कुंजम कोया कुटमा समाज से आते है छापेमारी से गुस्साए समाज के लोगों ने भी आज शुक्रवार को संभाग मुख्यालय के सामाजिक भवन में इकट्ठा होकर प्रेस वार्ता के माध्यम से सरकार से अपील की है कि आदिवासी नेताओं के विरुद्ध भेदभावपूर्ण कार्यवाही बंद करे।
कोया कुटमा समाज के संभागीय अध्यक्ष ने बताया कि बस्तर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है इसके बावजूद लंबे समय से यहां के आदिवासी जल,जंगल,और जमीन के अधिकारी से वंचित है।लगातार सत्ता में बैठी सरकारों द्वारा आदिवासियों को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्रों में रहनेवाले आदिवासियों के सहमति के बिना जल जंगल जमीन जैसी धरोहरों को छीनकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों को स्थापित करने का काम कर रही है।
इन्हीं सभी मुद्दों को उजागर करने के लिए आदिवासी नेता मनीष कुंजाम द्वारा तेंदू पत्ता के बोनस में छेड़छाड़ कर दोषियों को सजा दिलाने के लिए सुकमा के जिलाधीश के समक्ष लिखित में आवेदन प्रस्तुत किया गया था।तत्पश्चात सजा से भयभीत दोषियों ने सरकार से ताल मेल बिठाकर शिकायतकर्ता के घर ही ईओडब्लू और एसीबी द्वारा छापेमारी जैसी कार्यवाही को अंजाम दिलवाया गया जिसका कोया कुटमा समाज विरोध करती है।
समाज के बैठक में मुख्य रूप से हिड़मो मांडवी(संभागीय अध्यक्ष कोया कुटमा समाज),देव दास कश्यप(जिला अध्यक्ष),साधु राम मांडवी(ब्लॉक अध्यक्ष,बस्तर),सोमारु कौशिक(संरक्षक बस्तर संभाग),धरमू मांडवी(संरक्षक) व
गंगा नाग उपस्थित रहें।
