कोंडागांव___
फागू यादव
कोंडागांव, 15 अप्रैल 2025: पंचायत सचिवों की शासकीयकरण की मांग को लेकर जारी आंदोलन ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। हड़ताल के 27वें दिन, 13 अप्रैल से जिले भर के पंचायत सचिव क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। वहीं आज मंगलवार हड़ताल के 29वें दिन छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ के कोंडागांव ब्लॉक अध्यक्ष सेतपाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सचिवों की यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।
सेतपाल सिंह ने मीडिया को बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के समय अपने घोषणा पत्र में “मोदी गारंटी” के तहत 100 दिनों के भीतर पंचायत सचिवों के शासकीयकरण का वादा किया था। लेकिन अब डेढ़ साल बीत जाने के बावजूद इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत सचिवों की हड़ताल के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य और जनहित की योजनाएं पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें शीघ्र नहीं मानी गईं, तो 21 अप्रैल से सचिव दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदेश स्तरीय धरना देंगे। फिलहाल जिले के सभी ब्लॉकों में सचिवों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है और आंदोलन को तेज करने का संकेत दे दिया है।
अब देखना होगा कि सरकार पंचायत सचिवों की इस चेतावनी पर क्या रुख अपनाती है।
