कोंडागांव__
रिपोर्टर फागु यादव

कोंडागांव, 13 अप्रैल 2025:
हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर कोंडागांव नगर में शनिवार की शाम भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे जिले में सुबह से ही श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जाकर बजरंगबली की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
विशेष रूप से कोंडागांव नगर में हिंदू संगठनों के द्वारा आयोजित विशाल शोभायात्रा ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। यह शोभायात्रा शाम 7 बजे मर्दापाल तिराहे से प्रारंभ हुई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कांग्रेस भवन चौक स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर तक पहुँची। यहाँ हनुमान मंदिर समिति और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विधिवत पूजा-अर्चना की गई।
अघोरी कलाकारों और बाल कलाकारों की प्रस्तुति ने मोहा मन
इस शोभायात्रा की खास बात रही इसमें भाग लेने वाले कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियाँ। अघोरी साधुओं के वेश में सजे कलाकारों ने अपने विशेष अंदाज़ और नृत्य से लोगों को रोमांचित कर दिया। उनके साथ-साथ बाल कलाकारों ने शिव और हनुमान की भक्ति में आधारित गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। छोटे-छोटे बच्चों की ऊर्जा और उत्साह ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
डीजे की भक्ति धुनों पर थिरके श्रद्धालु
शोभायात्रा में विभिन्न भक्ति गीतों पर डीजे की धुनें गूंजती रहीं, जिन पर युवाओं की टोली श्रद्धा और उल्लास से झूमती नजर आई। यह दृश्य न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक उत्सव का भी प्रतीक बन गया, जहाँ हर आयु वर्ग के लोग हनुमान भक्ति में डूबे दिखाई दिए।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए थे। कोंडागांव पुलिस और यातायात विभाग की टीम ने हर मोर्चे पर सक्रियता दिखाई। हालाँकि शोभायात्रा के कारण एनएच-30 पर कुछ जगहों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हुई, लेकिन पुलिस ने सूझबूझ से यातायात को संभालते हुए व्यवस्था बनाए रखी।
बस स्टैंड में हुआ कार्यक्रम का समापन
यह भव्य शोभायात्रा नगर के बस स्टैंड पर एक विशेष आयोजन के साथ संपन्न हुई, जहाँ भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
कोंडागांव में आयोजित यह शोभायात्रा न केवल धार्मिक भावना को प्रकट करती है, बल्कि समाज में एकता, समर्पण और उत्साह का भी प्रतीक बनकर सामने आई है। हनुमान जन्मोत्सव के इस पावन पर्व पर नगरवासियों ने जिस तरह से एकजुट होकर भाग लिया, वह निश्चित रूप से प्रेरणादायक है।
