जगदलपुर
चंद्रहास वैष्णव

ओबीसी महासभा प्रदेश इकाई छत्तीसगढ़ के आह्वान पर प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी राधेश्याम के निर्देशन में प्रदेश के सभी जिलों में महात्मा ज्योतिबा राव फुले की जयंती मनाया जा रहा है ।साथ ही 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर सभी जिला मुख्यालय में ज्ञापन सौंपा जा रहा है।इसी क्रम में बस्तर जिला के जगदलपुर में ज्योतिबा राव फुले की जयंती के अवसर पर समाज में सकारात्मक वातावरण के निर्माण के लिए बाइक रैली निकालकर 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को शीघ्र लागू करने के लिए बाइक रैली निकाल कर ज्ञापन सौपा गया ,जिसमें ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी राधेश्याम एवं बस्तर संभागअध्यक्ष दिनेश यदु की गरिमामय उपस्थिति रही। ज्योतिबा राव फुले सावित्रीबाई फुले की तैल्य चित्र एवं बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण धूप अगरबत्ती से पूजन अर्चना में अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। जगदलपुर शहर में बाइक रैली नया मुंडा से कलेक्ट्रेट कार्यालय में ओबीसी महासभा द्वारा महामहिम राज्यपाल एवं माननीय मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौपा गया ,तत्पश्चात कोर्ट होते हुए गुरु गोविंदसिंह चौक से संजय मार्केट संजय मार्केट से मिताली चौक मिताली चौक से स्टेट बैंक चौक स्टेट बैंक चौक से झंकार टॉकीज से लालबाग में समापन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष के द्वारा संविधान की प्रस्तावना का वचन किया गया तथा भंते जी के द्वारा पंचशील के सिद्धांतों का प्रबोधन किया। बहुजन समाज के उपस्थित सदस्य के द्वारा बारी-बारी से महात्मा ज्योतिबा राव फुले के तैल्य चित्रों पर माल्यार्पण किया गया।देश की संघीय संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार सामाजिक एवं शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े हुए समुदाय को अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में तीन वर्गों में वर्गीकृत किया गया है। सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को समानता के अवसर उपलब्ध कराते हुए समुचित विकास एवं उत्थान की व्यवस्था किया गया है। तदानुसार केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति 15% तथा अनुसूचित जनजाति को 7.50 प्रतिशत एवं राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति को 12 प्रतिशत एवं अनुसूचित जनजाति को 32% आरक्षण का प्रावधान लगभग आबादी के बराबर किया गया है ।जबकि केंद्र सरकार ने मंडल कमीशन के अनुशंसा के अनुसार संविधान लागू होने के 44 साल बाद माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण दिया है। साथ ही राज्य की स्थिति के आधार पर अन्य पिछड़ा वर्ग को राज्य शासन के द्वारा आरक्षण सुनिश्चित करने का अधिकार दिया गया है, किंतु ओबीसी समुदाय को अविभाजित मध्यप्रदेश में मात्र 14% आरक्षण शिक्षा एवं रोजगार में दिया गया है ,जो कि आज पर्यंत छत्तीसगढ़ राज्य में लागू है। बहुसंख्यक ओबीसी समुदाय को आबादी के अनुरूप हिस्सेदारी आरक्षण प्रदान नहीं करने के कारण प्रदेश के ओबीसी समुदाय का समुचित विकास एवं उत्थान में अपरिमित नुकसान हो रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 2 दिसंबर 2022 को आरक्षण संशोधन विधेयक पारित कर महामहिम राज्यपाल के हस्ताक्षर हेतु प्रस्तुत किया गया था जिसमें अनुसूचित जनजाति को 32% अनुसूचित जाति 13%अन्य पिछड़ा वर्ग को 27% एवं एवं आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को चार प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का प्रावधान किया गया है। महामहिम राज्यपाल महोदय से करबद्ध निवेदन किया है कि आरक्षण संशोधन विधेयक 2022 में हस्ताक्षर कर समता मूलक समाज की स्थापना में सहयोग प्रदान किया जाए तथा माननीय मुख्यमंत्री से करबद्ध निवेदन किया है कि महामहिम राज्यपाल से आरक्षण संशोधन विधेयक 2022 में हस्ताक्षर किए जाने हेतु आवश्यक पहल कर ओबीसी महासभा को अनुग्रहित करें या 27% ओबीसी आरक्षण के लिए अध्यादेश पारित कर पुनः विधेयक पास करें या महामहिम राज्यपाल से ओबीसी महासभा की सौजन्य मुलाकात हेतु समय प्रदान कराने का मांग किया गया।
भिलाई निवासी मासूम बच्ची के रेप एवं मर्डर केस के गुनहगार को निष्पक्ष जांच कर कड़ी से कड़ी सजा दी जावे ,ताकि भविष्य में कोई मासूम बच्चियों के साथ ऐसा कृत्य करने की हिम्मत न कर सके और पीड़ित परिवार को एक करोड रुपए की आर्थिक सहयोग प्रदान किए जाने का अनुरोध किया है।
महान समाज सुधारक एवं शिक्षा के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा राव फुले की जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने का भी अनुरोध किया है। 11 अप्रैल को रिलीज होने वाली महात्मा ज्योतिबा फुले के फिल्म को 15 दिन के लिए सभी सिनेमाघर में निशुल्क किये जाने का अनुरोध किया है। उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश सचिव भुवनेश्वर देवांगन का संभाग प्रभारी बलराम यादव संभाग उपाध्यक्ष तुलसीराम ठाकुर संभाग महासचिव हरीश साहूशहर जिला अध्यक्ष रघुवंश यादव ग्रामीण जिला अध्यक्ष मुन्ना यादव संभाग उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा हरीश पारख,विक्रम लहरे,सतीश वानखेडे गौरनाथ नाग, सुरेंद्र सोनी, प्रेमलाल सोनी एवं अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अल्पसंख्यक समुदाय के समाज प्रमुख ने भाग लिया।
