सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का* मंत्री का हाथ सर पर हो तो फिर अधिकारी और ठेकेदार उल्टी गंगा भी बहाने का दमखम रखते है। ऐसा ही कुछ चल रहा है जिले के जल संसाधन विभाग में।

आयुष श्रीवास्तव

कोण्डागांव जिले के अंतिम छोर पर बसे दोन्डेरापाल गांव में कृषि को बढ़ावा देने केनाल बनाया जा रहा है। पीएचई विभाग ऐसा केनाल बना रहा है जिसमे पानी तो बहेगा पर खेतो तक पानी नही पहुचेगा।

*किसान परेशान*

किसान परेशान है कि आखिर खेतो तक पानी पहुँचेगा कैसे जब खेतों की ऊचाई ही केनाल से 3 से 5 फीट ऊपर है

*गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल*

निर्माणधीन केनाल को लेकर ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर कहा कि हल्की लकड़ी से कुरेदने से सीमेंट बाहर आ रहा है वही कांक्रीट को हाथ से मसलने से पावडर बन जा रहा है ऐसे में कितने दिन केनाल टिकेगा। घटिया निर्माण को लेकर आने वाले दिनों में ग्रामीण बड़ा आंदोलन भी कर सकते है।

*कराइ जाएगी मामले जांच – कलेक्टर*

कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा कि अधिकारियों कि एक टीम बना कर निर्माण कार्य की जांच कराए जायेगी.